10वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस में बोले प्रधानमंत्री, भारत की डिजिटल यात्रा को बताया बड़ा बदलाव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि बीते वर्षों में भारत ने Consumer से Creator बनने की दिशा में महत्वपूर्ण यात्रा तय की है और अब देश उस चरण की ओर बढ़ रहा है जहां केवल उत्पादों का निर्माण ही नहीं, बल्कि उनके Product, Design, Technology और Intellectual Property (IP) भी भारत में विकसित हों।
प्रधानमंत्री ने यह बात नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित India Mobile Congress 2026 के 10वें संस्करण के उद्घाटन के दौरान कही। इस वर्ष India Mobile Congress का आयोजन 7 से 10 अक्टूबर तक किया जा रहा है और इसमें दूरसंचार, 5G-6G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा और डिजिटल तकनीक से जुड़े क्षेत्र प्रमुख रूप से केंद्र में हैं।
Consumer से Creator बनने की दिशा में भारत
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में भारत की तकनीकी यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि देश ने पिछले वर्षों में केवल तकनीक और उत्पादों के उपभोक्ता की भूमिका से आगे बढ़कर तकनीक के निर्माण और नवाचार की दिशा में कदम बढ़ाया है।
उन्होंने कहा कि अब भारत उस लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है जहां किसी उत्पाद का केवल निर्माण भारत में न हो, बल्कि उसका डिजाइन, तकनीक और बौद्धिक संपदा भी देश में विकसित हो।
प्रधानमंत्री के इस बयान को भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता की व्यापक नीति के संदर्भ में देखा जा रहा है, जिसमें घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स, दूरसंचार उपकरण, सेमीकंडक्टर, AI और डीप-टेक जैसे क्षेत्रों में देश की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
मोबाइल और टेलीकॉम सेक्टर में बदलाव का उल्लेख
प्रधानमंत्री ने कहा कि India Mobile Congress जैसे मंचों के माध्यम से भारत ने दूरसंचार और डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में लगातार नई क्षमताएं विकसित की हैं।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि दूरसंचार क्षेत्र में पुराने कानूनों को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप बदला गया है और Telecommunications Act के माध्यम से एक आधुनिक नियामकीय ढांचा तैयार किया गया है।
इसके अलावा टेलीकॉम क्षेत्र में संरचनात्मक बोझ को कम करने के लिए Adjusted Gross Revenue यानी AGR और बैंक गारंटी से जुड़े कदमों का भी प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया।
Gati Shakti Sanchar Portal का भी जिक्र
प्रधानमंत्री ने डिजिटल माध्यम से टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार को आसान बनाने में Gati Shakti Sanchar Portal की भूमिका का उल्लेख किया।
इस पोर्टल के माध्यम से Right of Way यानी सड़क, सरकारी भूमि या अन्य स्थानों पर टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने से संबंधित अनुमोदन प्रक्रिया को डिजिटल बनाने और तेज करने पर जोर दिया गया है।
प्रधानमंत्री ने इसे देश में डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार से जोड़ते हुए कहा कि तकनीकी ढांचे को मजबूत करना भारत की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
सेमीकंडक्टर मिशन को लेकर बड़ा फोकस
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में हो रही प्रगति का भी उल्लेख किया।
उन्होंने बताया कि देश में पांच स्थानों पर सेमीकंडक्टर का व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि India Semiconductor Mission के अगले चरण में सरकार का फोकस पूरी सप्लाई चेन पर रहेगा।
भारत के लिए सेमीकंडक्टर क्षेत्र को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, रक्षा, AI और कई अन्य आधुनिक तकनीकों के लिए चिप्स महत्वपूर्ण घटक हैं।
देश में सेमीकंडक्टर निर्माण के साथ-साथ चिप डिजाइन, पैकेजिंग और संबंधित तकनीकी क्षमताओं को विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। हाल के वर्षों में सरकार ने इस क्षेत्र में बड़े निवेश और परियोजनाओं को बढ़ावा दिया है।
AI में भी Consumer नहीं, Creator बनने की तैयारी
प्रधानमंत्री मोदी के तकनीकी विजन में Artificial Intelligence यानी AI भी महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इससे पहले भी प्रधानमंत्री ने कहा है कि भारत को AI के क्षेत्र में केवल तकनीक का उपयोग करने वाला देश नहीं, बल्कि AI समाधान विकसित करने वाला देश बनना चाहिए। उन्होंने भारत को वैश्विक स्तर पर शीर्ष AI शक्तियों में शामिल करने की दिशा में काम करने की बात कही है।
भारत में AI के लिए कंप्यूटिंग क्षमता, स्टार्टअप इकोसिस्टम, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में कई पहल की जा रही हैं।
प्रधानमंत्री ने AI को लेकर यह भी कहा है कि भारतीय युवाओं की प्रतिभा और उद्यमिता देश को AI के क्षेत्र में नई भूमिका दे सकती है।
Deepfake को लेकर वैश्विक फ्रेमवर्क की जरूरत
India Mobile Congress के मंच से प्रधानमंत्री ने Deepfake के बढ़ते खतरे पर भी चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि Deepfake एक बड़ी चुनौती बन चुका है और इससे निपटने के लिए एक Global Framework की आवश्यकता है।
प्रधानमंत्री के अनुसार सरकारों, टेक्नोलॉजी कंपनियों, टेलीकॉम ऑपरेटरों और वित्तीय संस्थानों को मिलकर ऐसा वैश्विक तंत्र विकसित करने की दिशा में काम करना चाहिए जो डिजिटल धोखाधड़ी को लोगों तक पहुंचने से पहले रोकने में मदद कर सके।
उन्होंने टेलीकॉम और डिजिटल तकनीक से जुड़े Phone Security और Network Security को भी प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
भारत के लिए अगला लक्ष्य क्या?
प्रधानमंत्री के संबोधन का एक प्रमुख संदेश यह रहा कि भारत को तकनीक के क्षेत्र में केवल बड़ा बाजार होने की भूमिका से आगे निकलना होगा।
भारत में बड़ी आबादी के कारण तकनीक के लिए विशाल बाजार है। लेकिन अब सरकार का जोर ऐसी क्षमताओं के निर्माण पर है जिनके माध्यम से भारत में विकसित तकनीक और उत्पाद वैश्विक बाजारों तक पहुंच सकें।
इसी संदर्भ में Consumer से Creator की अवधारणा महत्वपूर्ण हो जाती है।
इसका अर्थ केवल मोबाइल फोन या इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण तक सीमित नहीं है। इसमें उस पूरी वैल्यू चेन को भारत में विकसित करने की कोशिश शामिल है जिसमें Research, Design, Technology, Manufacturing और Intellectual Property महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
Digital India से Deep Tech तक बदलती तस्वीर
भारत की डिजिटल यात्रा में पिछले वर्षों में कई बड़े बदलाव हुए हैं। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, मोबाइल कनेक्टिविटी, UPI, 5G, डिजिटल भुगतान और स्टार्टअप इकोसिस्टम ने देश के डिजिटल बाजार का विस्तार किया है।
अब इसी आधार पर भारत का अगला फोकस AI, सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा और डीप-टेक जैसे क्षेत्रों पर दिखाई दे रहा है।
India Mobile Congress 2026 में भी 5G और 6G के साथ AI आधारित नेटवर्क, सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा और क्वांटम कम्युनिकेशन जैसे विषय प्रमुख हैं। इस बार स्मार्ट मोबिलिटी, इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स और ट्रांसपोर्ट टेक्नोलॉजी जैसे नए क्षेत्र भी चर्चा के केंद्र में हैं।
‘भारत में बने, दुनिया के लिए बने’ की दिशा
प्रधानमंत्री का Consumer से Creator वाला संदेश व्यापक रूप से उस नीति दिशा से जुड़ता है जिसमें भारत को Technology और Innovation के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
AI के संदर्भ में प्रधानमंत्री पहले ही यह लक्ष्य सामने रख चुके हैं कि भारत में विकसित AI समाधान दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी उपयोग किए जा सकें। इसी विजन के तहत भारत AI, सेमीकंडक्टर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में घरेलू क्षमता बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
India Mobile Congress 2026 का मंच इसी बदलती तकनीकी तस्वीर को सामने रख रहा है।
अब भारत के सामने चुनौती केवल यह नहीं है कि दुनिया की नई तकनीकों को कितनी तेजी से अपनाया जाए।
बड़ी चुनौती यह है कि इन तकनीकों का निर्माण, डिजाइन और बौद्धिक संपदा भारत में कितनी मजबूती से विकसित की जा सकती है।
प्रधानमंत्री का Consumer से Creator बनने का संदेश इसी बदलाव की दिशा को रेखांकित करता है।
