लोकतंत्र सेनानी जेपी हुए मौन ! 

  96 वर्ष की आयु मेंचौधरी जयपाल सिंह नौरौजपुर का निधन  चौधरी साहब की धारा का ध्रुवतारा अस्त  डॉ. रवींद्र प्रताप राणा मेरठ 22 मार्च  2026  भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के राजनीतिक शिष्य, लोकतंत्र सेनानी चौधरी जयपाल सिंह नौरौजपुर ने रविवार 8 मार्च 2026 की सुबह इस दुनिया को अलविदा कह दिया। 96 वर्ष से अधिक आयु के चौधरी जयपाल सिंह का जन्म वर्ष 1930 में तत्कालीन मेरठ जिले के नौरौजपुर गुर्जर गांव में  स्वतंत्रता सेनानी और जिला बोर्ड के सदस्य चौधरी भीम सिंह के घर हुआ था। उच्च शिक्षित चौधरी जयपाल सिंह ने एम.ए. की डिग्री प्राप्त की और जीवनभर सामाजिक तथा राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय रहकर जनसेवा को अपना धर्म माना। वे किसान नेता भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की विचारधारा के      सच्चे अनुयायी और क्षेत्र में उस धारा के सबसे मजबूत सिपाहियों में गिने जाते थे। उनके दुनिया को अलविदा कहने की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक छा गया।   बागपत जिले के गांव नौरौजपुर गुर्जर में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। चौधरी जयपाल सिंह को गार्ड ऑफ ऑनर दिया   गया और उनके बड़े पुत्र सतपाल सिंह ने मुखाग्नि दी। अंतिम विदाई के समय जिले भर से बड़ी संख्या में लोग नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। चौधरी जयपाल सिंह को चौधरी चरण सिंह का करीबी माना जाता था।चौधरी चरण सिंह के कहने पर उन्होंने पीसीएस की नौकरी छोड़कर राजनीति का रास्ता चुना और किसानों तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए संघर्ष का जीवन अपनाया। माया त्यागी कांड के विरोध में हुए ऐतिहासिक आंदोलन में वे गंभीर रूप से घायल हुए और लंबे समय तक जेल में भी रहे। आपातकाल के दौरान भी वे आंदोलन में सक्रिय रहे और लोकतंत्र की रक्षा के लिए जेल गए। कौरवी बोली के साथ हिंदी उर्दू और अंग्रेजी पर उनकी जबरदस्त पकड़ थी। नफ़ासत और करीने से रहना उनका विशेष गुण था। सियासत में उन्होंने      अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया। चौधरी चरण सिंह के जीवन और उनके दौर की सियासत के दिलचस्प किस्से वे इस उम्र में भी पूरे जोश के साथ    सुनाते थे। संबंधों को निभाने की कला उनमें अद्भुत थी। गोरा रंग, इकहरा बदन और कड़क आवाज़ उनकी पहचान थी। बात करते समय वे कहावतों, मुहावरों और किस्से कहानियों का बखूबी इस्तेमाल करते थे जिससे उनकी बातों में एक अलग ही रस आ जाता था। चौधरी जयपाल सिंह के अंतिम संस्कार के समय धर्मपाल सिंह रमाला चेयरमैन, तेजपाल सिंह पिलौना, धर्मपाल सिंह बाघू, ओमप्रकाश प्रधान, प्रोफेसर धीरेंद्र सिंह सहित सैकड़ों गणमान्य लोग मौजूद रहे और उन्हें अंतिम विदाई दी। इस अवसर पर तेजपाल […]

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एक्सक्लूसिव इंटरव्यू: क्यों बोलते हैं शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती?

इन दिनों ‘शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज मेरठ के योगीपुरम में अपने प्रवचनों के कारण चर्चा में हैं। हमने उनसे विशेष बातचीत की, जिसमें उन्होंने गौ सेवा, भारत की सभ्यता, संस्कृति, जल, जंगल, जमीन, धर्म, राजनीति और समाज के तमाम मुद्दों पर अपनी अहम राय दी। आइए जानते हैं कि उन्होंने किन-किन मुद्दों पर […]

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पूर्व एमएलसी हरपाल सैनी का साक्षात्कार

हवाई जहाज में चौधरी अजित सिंह से मुलाकात…एमएलसी बन गए हरपाल सैनी

साक्षात्कार- किसान के बेटे को कैसे मिली विधान परिषद की सीट हरपाल सिंह सैनी, एक किसान परिवार में जन्मे, छात्र राजनीति से लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के मजबूत नेता बने। उन्होंने 1996 में सरधना विधानसभा से चुनाव लड़ा, जहां उनके मुकाबले कई कद्दावर और कुछ आपराधिक पृष्ठभूमि वाले प्रत्याशी थे। मात्र 256 वोटों से […]

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Raja Bundela in the villages of Bundelkhand

राजा बुंदेला से विशेष इंटरव्यू: बुंदेलखंड की उपेक्षा, पलायन और नए राज्य की मांग

सवाल: राजा बुंदेला जी, बुंदेलखंड की सबसे बड़ी समस्या आपको क्या लगती है? राजा बुंदेला: देखिए, हमारे पास सब कुछ होते हुए भी हमारे नौजवानों के पास रोजगार नहीं है। पढ़ाई करने के बावजूद वे रोजमर्रा की छोटी-छोटी नौकरियों के लिए बाहर चले जाते हैं। वे अपने माता-पिता और पुश्तैनी जमीन को छोड़कर पलायन करने […]

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मुखिया गुर्जर: एक किसान के बेटे से प्रभावशाली नेता बनने तक का सफर

 आज हमारे साथ हैं राष्ट्रीय पथिक सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष और जाने-माने नेता मुखिया गुर्जर जी। अपने बेबाक अंदाज और किसानों के बीच लोकप्रियता के लिए पहचाने जाने वाले मुखिया जी ने चौधरी अजीत सिंह के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ा और समाजवादी पार्टी के साथ जुड़े रहे। उनके बेटे कुलविंदर गुर्जर मेरठ जिला पंचायत के […]

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