जैव विविधता का संकट और मानव भविष्य

मेहर–ए–आलम ख़ान कंसल्टेंट, सिनेइंक पॉडकास्ट्स, लंदन (यू.के. लंबे समय तक जैव विविधता को एक अलग-थलग विषय समझा गया। यह माना गया कि इसका संबंध जंगलों, जानवरों और प्राकृतिक सुंदरता से है, न कि अर्थव्यवस्था, सुरक्षा या जन-स्वास्थ्य जैसे “गंभीर” मुद्दों से। आज यह धारणा तेज़ी से टूट रही है। जैव विविधता का नुकसान अब 21वीं […]

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