आम की कहानी: समृद्ध विरासत, गहराता संकट

भारत दुनिया के लगभग आधे आम उगाता है, लेकिन निर्यात में उसकी हिस्सेदारी नाममात्र है। बागानों में रसायनों का बढ़ता उपयोग, फलों को पकाने में प्रतिबंधित रसायन, और बार–बार लगने वाले विदेशी प्रतिबंध — ये सब मिलकर भारत के सबसे प्रिय फल को संकट में डाल रहे हैं। यह आलेख आम की उस कहानी को […]

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जैव विविधता का संकट और मानव भविष्य

मेहर–ए–आलम ख़ान कंसल्टेंट, सिनेइंक पॉडकास्ट्स, लंदन (यू.के. लंबे समय तक जैव विविधता को एक अलग-थलग विषय समझा गया। यह माना गया कि इसका संबंध जंगलों, जानवरों और प्राकृतिक सुंदरता से है, न कि अर्थव्यवस्था, सुरक्षा या जन-स्वास्थ्य जैसे “गंभीर” मुद्दों से। आज यह धारणा तेज़ी से टूट रही है। जैव विविधता का नुकसान अब 21वीं […]

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Virendra Verma

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल रहते 1991 में वीरेंद्र वर्मा ने भी उठाई थी चौगामा नहर के लिए आवाज

चौगामा नहर पर Video Report देखने के लिए खबर के अंंत में दिया लिंक खोलना न भूलें। मुजफ्फरनगर, मेरठ और बागपत के हजारों किसानों के लिए जल संकट कोई नई समस्या नहीं है। दशकों से इस क्षेत्र के लोग सिंचाई और भूजल संकट से जूझ रहे हैं। लेकिन इस मुद्दे को गंभीरता से उठाने वालों […]

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