रिढाऊ से दिल्ली तक: चौधरी रतन सिंह की स्मृतियों में बचा हुआ एक दौर

लेखक: चौधरी वीरेंद्र सिंह, दिल्ली मेरे ननिहाल पक्ष के दादा, चौधरी रतन सिंह मुण्टोड़/गहलौत, हरियाणा के रोहतक ज़िले के गाँव रिढाऊ (पोस्ट ऑफिस फारमाणा) के निवासी थे। उनके पूर्वजों द्वारा बनाई गई हवेलियाँ और इमारतें आज भी गाँव की विरासत की तरह खड़ी हैं। उनके पिता, चौधरी गुगन सिंह, एक जागरूक और समृद्ध ज़मींदार थे। […]

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आधुनिक भीम विश्वपाल जयंत

आधुनिक युग के भीम विश्वपाल जयन्त

कोटद्वार, उत्तराखंड – उत्तराखंड के कोटद्वार से लगभग 15 किलोमीटर दूर और हरिद्वार से 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित महर्षि कण्व की तपोस्थली का ऐतिहासिक महत्व भारत की आध्यात्मिक धरोहर में विशेष स्थान रखता है। यही वह स्थान है, जहां हस्तिनापुर के राजा दुष्यंत और शकुंतला के मिलन से भरत का जन्म हुआ था। […]

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दादा का ख़्वाब हकीकत में बदला, हेलीकॉप्टर से दुल्हन लाया काजमाबाद गून के किसान का बेटा

मेरठ जिले के काजमाबाद गून गांव में 26 फरवरी 2025 का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब पूर्व प्रधान चौधरी दिलावर सिंह के पोते प्रशांत ने अपनी दुल्हन शिवानी को हेलीकॉप्टर से अपने घर लाकर अपने दादा का सपना साकार किया। हापुड़ जिले के लुखराड़ा गांव से प्रशांत अपनी दुल्हन शिवानी को हेलीकॉप्टर से लेकर मेरठ […]

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