चुनाव की रात सपनों में लौटते हैं चौधरी चरण सिंह — कान में कहते हैं: ज़मीर मत खोना; बागपत में आज भी आते हैं भारत रत्न!

चुनाव की सरगर्मियों के बीच जब सत्ता की चालें तेज़ होती हैं और नारे हवा में तैरते हैं, तभी बागपत की शांत रातों में कुछ किसानों की नींद में एक पुराना साया उतर आता है — धोती-कुर्ता पहने, गंभीर आँखों वाला एक नेता। चौधरी चरण सिंह। सपनों में आते हैं, चुपचाप कंधे पर हाथ रखते […]

Continue Reading