UPSC 2024: वेस्ट यूपी की बेटियों ने रचा इतिहास, रिया सैनी रैंक 22, श्रेया त्यागी 31, आयुषी चौधरी और कोमल पुनिया ने बढ़ाया मान

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मुज़फ्फरनगर/शामली/मेरठ: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा 2024 के फाइनल परिणामों में पश्चिम उत्तर प्रदेश के कई होनहारों ने पूरे देश में अपना परचम लहराया है। बेटियों ने विशेष रूप से इस बार शानदार प्रदर्शन करते हुए न केवल अपने माता-पिता, बल्कि पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।

मेरठ की शिवानी की UPSC में 71वीं रैंक: माता आरजी गर्ल्स कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर, पिता एसबीआई में जीएम

मेरठ की शिवानी ने UPSC परीक्षा में 71वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार और शहर का नाम रोशन किया है। यह उनका UPSC में तीसरा प्रयास था, और इस सफलता पर उनका परिवार बेहद खुश है।

शिवानी .

रुड़की रोड गोल्डन एवेन्यू फेस-2 की निवासी शिवानी की माता डॉ. सीमा गुप्ता आरजी गर्ल्स पीजी कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं, जबकि उनके पिता सुशील कुमार भारतीय स्टेट बैंक, दिल्ली में जीएम हैं। उनके भाई शांतनु भारतीय सेना में मेजर हैं।

शिवानी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मेरठ के सोफिया गर्ल्स स्कूल से की थी, इसके बाद 11वीं और 12वीं की पढ़ाई दिल्ली के डीपीएस आरके पुरम से की। इसके बाद, उन्होंने दिल्ली के मिरांडा हाउस से इकोनॉमिक्स ऑनर्स में ग्रेजुएशन किया और मिरांडा हाउस में टॉप किया। इसके बाद, उन्होंने दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पोस्ट ग्रेजुएशन किया। इसके बाद शिवानी का चयन इंडियन इकोनॉमिक्स सर्विस (IES) में हुआ, और इस दौरान वह जी-20 के डेलीगेशन का हिस्सा भी बनीं।

उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और बाद में इंडियन डिफेंस एकाउंट्स सर्विस (IDAS) में भी चयनित हो गईं। फिलहाल, उनकी ट्रेनिंग चल रही है।

शिवानी का कहना है कि लगातार परिश्रम से सफलता जरूर मिलती है। उन्होंने अपनी तैयारी के दौरान सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। शिवानी के पिता, सुशील कुमार बताते हैं कि बचपन से ही शिवानी का सपना आईएएस बनने का था। उन्होंने बिना कोचिंग के यह सफलता प्राप्त की है, और उनकी मेहनत ने उन्हें यह मुकाम दिलाया है।

शिवानी की यह सफलता न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे शहर के लिए गर्व की बात है।

टांडा, मुज़फ्फरनगर की रिया सैनी को ऑल इंडिया रैंक 22 प्राप्त हुई है। उन्होंने पहले ही प्रयास में यह मुकाम हासिल किया और अपने गांव के साथ-साथ पूरे ज़िले का नाम रोशन किया है। रिया ने कहा कि उनका लक्ष्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है। उनके इस प्रदर्शन पर क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।

रिया सैनी.

गांव पूरा, मुज़फ्फरनगर की श्रेया त्यागी ने ऑल इंडिया रैंक 31 प्राप्त कर IAS की सूची में अपना नाम दर्ज कराया है। श्रेया के पिता एक शिक्षक हैं और उन्होंने बताया कि श्रेया शुरू से ही मेधावी रही हैं। पूरे गांव ने श्रेया की इस सफलता पर हर्ष व्यक्त किया।

श्रेया त्यागी .

ताहिरपुर भभीसा, शामली की आयुषी चौधरी ने 290वीं रैंक प्राप्त की है। आयुषी के पिता विवेक कुमार एक किसान हैं। परिवार ने साधनों की कमी के बावजूद आयुषी की पढ़ाई में कोई कसर नहीं छोड़ी। आयुषी की मेहनत ने यह साबित कर दिया कि समर्पण और सही मार्गदर्शन से किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।

आयुषी चौधरी.

कांधला की आस्था जैन ने UPSC में पाई बड़ी सफलता, दूसरी बार भी साबित की अपनी काबिलियत

कांधला कस्बे की रहने वाली आस्था जैन ने यूपीएससी 2025 की परीक्षा में 186वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम पूरे देश में रोशन किया है। आस्था की यह सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे शामली जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है।

मोहल्ला सरावज्ञान निवासी कन्फेक्शनरी व्यापारी अजय जैन की पुत्री आस्था ने पिछली बार 2024 में अपने पहले प्रयास में 131वीं रैंक प्राप्त की थी, लेकिन उन्हें आईपीएस कैडर मिला था। चूंकि उनका सपना आईएएस बनने का था, इसलिए उन्होंने दोबारा प्रयास किया और इस बार भी शानदार सफलता पाई।

आस्था की शुरुआती पढ़ाई कांधला में ही हुई। उन्होंने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा शामली के स्कॉटिश स्कूल से उत्तीर्ण की। बाद में उन्होंने दिल्ली में रहकर कोचिंग की, लेकिन उनकी अधिकतर तैयारी घर पर ही हुई। आस्था का मानना है कि अगर किसी भी लक्ष्य के लिए मन लगाकर मेहनत की जाए, तो सफलता अवश्य मिलती है।

वर्तमान में आस्था दिल्ली में रहकर तैयारी कर रही हैं। उनके पिता अजय जैन ने बताया कि उनकी तीन बेटियां और एक बेटा है, जिनमें आस्था दूसरी संतान है। उन्होंने कहा कि इस बार उनकी बेटी को जो भी कैडर मिलेगा, वह उसे जॉइन करेगी और पूरी निष्ठा से सेवा करेगी।

आस्था की इस सफलता पर उनके घर में ही नहीं, बल्कि पूरे मोहल्ले में जश्न का माहौल है। लोग लगातार बधाई देने उनके घर पहुंच रहे हैं। आस्था ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मेहनत, संकल्प और लक्ष्य की स्पष्टता से कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है।

पश्चिमी उत्तरप्रदेश जिला सहरानपुर नकुड़ के गाँव नथोड़ी निवासी कोमल पुनिया ने UPSC की परीक्षा में आल इण्डिया छठा (6th) रैंक पाकर IAS बनी है कोमल पूनिया पिछले वर्ष भी 474 रैंक के साथ कोमल IPS बनी थी।

कोमल पुनिया

166वीं रैंक से IAS बनी श्वेता, बड़ौत का बढ़ाया मान

बड़ौत (बागपत)।पांडव नगर की होनहार बेटी श्वेता ने UPSC 2024 में 166वीं रैंक हासिल कर IAS बनने का गौरव प्राप्त किया है। इससे पहले वह 2023 में IFS परीक्षा में 39वीं रैंक से चयनित होकर डीएफओ बनी थीं और इस समय देहरादून में प्रशिक्षणरत हैं।

श्वेता

श्वेता के पिता सतेंद्रपाल शर्मा सेना से रिटायर्ड हैं और माता नीलम गृहिणी हैं। वर्तमान में उनका परिवार दिल्ली के आरकेपुरम में रहता है। श्वेता की प्रारंभिक शिक्षा नगर के क्रिस्तु ज्योति कांवेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में हुई। स्कूल की प्रधानाचार्या डॉ. जस्सी जोश के अनुसार, श्वेता शुरू से ही मेधावी छात्रा रही हैं।

श्वेता की इस शानदार उपलब्धि से न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरे जिले में खुशी की लहर है।

शिखर मोघा: जानसठ के लाल ने हासिल की 171वीं रैंक

जानसठ (मुज़फ्फरनगर) — कड़ी मेहनत और समर्पण की मिसाल बने जानसठ कस्बे के शिखर मोघा ने अपने हौसलों से नया मुकाम हासिल किया है। प्रतिष्ठित संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परीक्षा 2024 में 171वीं रैंक प्राप्त कर शिखर मोघा ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में स्थान सुनिश्चित किया है। यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए गर्व का विषय है, बल्कि खटीक समाज और पूरे क्षेत्र के लिए भी एक प्रेरणास्रोत बन गई है।

शिखर मोघा>

शिखर मोघा के पिता राकेश चंद मोघा सिंचाई विभाग में सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत हैं और वर्तमान में गाज़ियाबाद में तैनात हैं। मूल रूप से उनका परिवार जानसठ कस्बा निवासी है। शिखर की दो बड़ी बहनें पहले ही इंजीनियर बनकर परिवार की शान बढ़ा चुकी हैं, और अब शिखर ने इस शृंखला को IAS अधिकारी बनकर और भी ऊँचाई दी है।

इस सफलता के बाद खटीक समाज में खुशी की लहर है। समाज के बुजुर्गों और युवाओं ने शिखर को एक रोल मॉडल के रूप में देखा है। उनकी यह सफलता यह साबित करती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची, तो कोई भी बाधा रास्ता नहीं रोक सकती।

शिखर की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर कस्बे में बधाइयों का तांता लग गया है। समाज के गणमान्य लोग, शिक्षकों और दोस्तों ने उनके परिवार को शुभकामनाएँ दीं। शिखर की सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो UPSC जैसी कठिन परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।

तुषार सिंह ने UPSC 2024 में 385वीं रैंक हासिल कर बुलंदशहर का नाम रोशन किया

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले से एक बार फिर सफलता की बड़ी खबर सामने आई है। यमुनापुरम निवासी तुषार सिंह ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2024 में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया 385वीं रैंक प्राप्त की है। महज 22 वर्ष की उम्र में यह उपलब्धि हासिल कर तुषार ने न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे जिले को गौरव से भर दिया है।

तुषार सिंह.

इस उपलब्धि की खास बात यह है कि तुषार ने यह सफलता अपने पहले ही प्रयास में और बिना किसी कोचिंग के प्राप्त की है। उन्होंने पूरी तैयारी सेल्फ स्टडी के माध्यम से की, जो आज के युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है।

तुषार सिंह ने अपनी स्कूली शिक्षा बुलंदशहर के दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) से प्राप्त की। इंटरमीडिएट की परीक्षा उन्होंने सीबीएसई बोर्ड से उत्कृष्ट अंकों के साथ पास की थी। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की और सीधे UPSC की तैयारी में जुट गए।

तुषार के पिता प्रोफेसर ओ.पी. सिंह बुलंदशहर में शिक्षक हैं और शिक्षा जगत में एक सम्मानित नाम माने जाते हैं। बेटे की इस सफलता से पूरा परिवार अत्यंत प्रसन्न है। तुषार का सपना शुरू से ही देश सेवा करना रहा है। उनका कहना है कि वह विशेष रूप से समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों के लिए काम करना चाहते हैं।

तुषार की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि ईमानदार मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से किसी भी मंजिल को पाया जा सकता है। बुलंदशहर जैसे जिले के युवा के लिए यह एक प्रेरणादायक कहानी है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बनेगी।

बीडीओ का बेटा बना IAS, हासिल की 194वीं रैंक

सरसावा (सहारनपुर)।सहारनपुर जिले के लिए गर्व का पल—यहां के रहने वाले आयुष सैनी ने UPSC 2024 में 194वीं रैंक हासिल कर IAS बनने का सपना साकार कर लिया है। आयुष, जो वर्तमान में सरसावा में बीडीओ पद पर तैनात राजवीर सैनी के बेटे हैं, ने अपनी सफलता का श्रेय कड़े परिश्रम और परिवार के समर्थन को दिया है।

आयुष सैनी

आयुष का परिवार श्यामलाल कॉलोनी, सरसावा में रहता है। उनकी मां अंजू सैनी एक निजी स्कूल की प्रबंधक हैं। आयुष ने बताया कि इस सफर में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन माता-पिता ने कभी टूटने नहीं दिया। उन्होंने हर असफल प्रयास के बाद उसे और मजबूत बनने और दुगुने जोश से मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।

आयुष ने 2021 में IIT कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया था। इसके बाद उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू की। उन्होंने बताया कि तीन साल पहले सरसावा की श्रेया सिंघल के IAS बनने से उन्हें काफी प्रेरणा मिली। श्रेया ने उन्हें तैयारी के दौरान गाइड भी किया और जरूरी टिप्स दिए, जिनका फायदा आयुष को मिला।

आयुष की इस उपलब्धि से न केवल उनका परिवार, बल्कि पूरा सहारनपुर क्षेत्र गौरवान्वित है।

मेरठ के अभिनव शर्मा ने 130वीं रैंक हासिल की है। अभिनव की पहली पसंद भारतीय पुलिस सेवा (IPS) रही है। दिलचस्प बात यह है कि अभिनव के पिता स्वयं मेरठ के देहली गेट थाने में प्रभारी हैं और पुलिस सेवा में कार्यरत हैं। पिता-पुत्र की यह जोड़ी अब प्रशासनिक सेवा में भी एक आदर्श बन सकती है।

अभिनव शर्मा

“संघर्ष की सीढ़ियों से चढ़कर, जब कोई शिखर छूता है — तो वह सिर्फ अपनी नहीं, पूरे समाज की किस्मत बदल देता है।”

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण क्षण
इस बार के UPSC परिणामों ने यह दिखा दिया है कि वेस्ट यूपी अब शिक्षा और प्रशासनिक सेवाओं के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों से आई बेटियों की यह सफलता एक सकारात्मक संकेत है कि सामाजिक बदलाव अब ज़मीन पर दिखने लगा है।

PoliticalAdda.com की ओर से सभी चयनित अभ्यर्थियों को हार्दिक शुभकामनाएं और उज्जवल भविष्य के लिए शुभेच्छाएं।

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