रंगून में पैदा हुए , गुजरात के मुख्यमंत्री बने: विजय रूपाणी का सफर

विकास

आज दोपहर लगभग 1:38 बजे अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन के लिए उड़ान भरते ही एयर इंडिया का एक बोइंग 787–8 विमान (फ्लाइट AI-171, VT-ANB) दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में कुल 242 लोग सवार थे, जिनमें 230 यात्री और 12 क्रू सदस्य शामिल हैं। हादसे का शिकार हुए विमान में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपानी के सवार होने की पुष्टि हुई है.


भारतीय राजनीति में संगठन से शक्ति पाकर सत्ता के शीर्ष तक पहुँचने वाले नेताओं में विजय रामनिकलाल रूपाणी एक प्रमुख नाम रहे। 69 वर्षीय रूपाणी 2016 से 2021 तक गुजरात के 16वें मुख्यमंत्री के तौर पर कार्य किया और पार्टी के प्रति अपनी आजीवन प्रतिबद्धता निभाई।

म्यांमार से राजकोट तक का सफर
2 अगस्त 1956 को म्यांमार (तब रंगून, अब यंगून) में जन्मे विजय रूपाणी का परिवार 1960 में वहां की राजनीतिक अस्थिरता के कारण भारत लौट आया और राजकोट में बस गया। सात भाई-बहनों में सबसे छोटे रूपाणी ने सौराष्ट्र यूनिवर्सिटी से बीए और एलएलबी की पढ़ाई की और छात्र जीवन में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और ABVP से जुड़ गए।

संगठन के सिपाही से मुख्यमंत्री तक
रूपाणी का राजनीतिक सफर इमरजेंसी के दौर से शुरू हुआ, जब 1976 में उन्होंने 11 महीने जेल में बिताए। 1996 में राजकोट के मेयर बने और 1998 में BJP की गुजरात यूनिट के सचिव नियुक्त हुए। उन्होंने 2006 से 2012 तक राज्यसभा सदस्य रहते हुए राष्ट्रीय राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद वे गुजरात म्यूनिसिपल फाइनेंस बोर्ड के चेयरमैन और फिर आनंदीबेन पटेल सरकार में परिवहन मंत्री बने।

7 अगस्त 2016 को उन्हें गुजरात का मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया। 2017 के विधानसभा चुनावों में पार्टी की जीत के बाद दोबारा उन्हें मुख्यमंत्री बनाया गया।

शासनकाल की प्राथमिकताएं
रूपाणी के मुख्यमंत्री कार्यकाल को विकास केंद्रित योजनाओं, स्मार्ट सिटी मिशन, बुनियादी ढांचे के विस्तार और COVID-19 प्रबंधन के लिए याद किया जाएगा। हालांकि कभी-कभी उन पर प्रशासनिक चुनौतियों को समय से न निपट पाने की आलोचना भी हुई, लेकिन उनकी सादगी, ईमानदारी और संगठन के प्रति निष्ठा को हर स्तर पर सराहा गया।

व्यक्तिगत जीवन और त्रासदी
विजय रूपाणी की पत्नी अंजली रूपाणी बीजेपी महिला मोर्चा की सक्रिय सदस्य रही हैं। उनके एक बेटे की सड़क दुर्घटना में असामयिक मृत्यु हो चुकी है, जबकि दूसरा बेटा इंजीनियर है और बेटी शादीशुदा है। एक सामान्य गुजराती परिवार से आए रूपाणी हमेशा जमीन से जुड़े नेता माने जाते रहे।

विरासत
2021 में उन्होंने स्वेच्छा से मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया, और उनकी जगह भूपेंद्र पटेल को मुख्यमंत्री बनाया गया। इससे उनका पार्टी अनुशासन और नेतृत्व के फैसलों के प्रति सम्मान एक बार फिर सामने आया।

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