Dr.Ravindra Rana/ Rajesh Sharma
बागपत, 19 जून | PoliticalAdda रिपोर्ट
बागपत जनपद के दो अहम और लंबे समय से उपेक्षित स्थल — रमाला शुगर मिल और बूढ़पुर गांव — एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों के केंद्र में आ गए हैं। जल शक्ति राज्य मंत्री दिनेश खटीक 20 जून को इन स्थलों का मौके पर निरीक्षण करेंगे। दौरे का उद्देश्य इन क्षेत्रों में जल प्रदूषण, जल निकासी और जनस्वास्थ्य संकटों की स्थिति का मूल्यांकन करना है, जो हालिया जनआंदोलनों के कारण सुर्खियों में रहा है।
रमाला मिल: शुगर फैक्ट्री या जहर का स्रोत?
दौरे की शुरुआत शाम 5 बजे रमाला शुगर मिल से होगी। यह वही मिल है जिसे लेकर बूढ़पुर गांव के लोगों ने गंभीर प्रदूषण के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मिल से निकलने वाला अपशिष्ट जल सीधे खेतों, तालाबों और भूमिगत जल में मिलकर गंभीर बीमारियों का कारण बन रहा है।
बूढ़पुर निवासी पिछले दो वर्षों से मिल के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं, कहते हैं:
“हमने लखनऊ तक शिकायतें कीं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। अब मंत्री जी आ रहे हैं, उम्मीद है अब कुछ ठोस होगा।”
ग्रामीणों के अनुसार गांव में त्वचा रोग, सांस की बीमारियाँ और बच्चों में असामयिक मौतें तक हो चुकी हैं। रमाला मिल परिसर में जल शक्ति विभाग की समीक्षा बैठक होगी, जिसमें स्थानीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि और ग्राम प्रधान भी शामिल होंगे।
इसके बाद मंत्री शाम 6:30 बजे बूढ़पुर का निरीक्षण करेंगे। यहीं से होकर रमाला मिल का गंदा पानी निकलता है और कई गांवों को प्रभावित करता है। बूढ़पुर, टिंडोली, रठौड़ा और मलकपुर जैसे इलाकों में पेयजल संकट और सिंचाई में विषैले जल की समस्या सामने आ चुकी है।
निरीक्षण के बाद मंत्री शाम 7:15 बजे बूढ़पुर गांव में एक स्थानीय बुजुर्ग के निधन पर शोक संवेदना प्रकट करेंगे। यह दौरा सामाजिक जुड़ाव का हिस्सा माना जा रहा है, जिससे मंत्री क्षेत्रीय भावनाओं से भी सीधा संवाद कर सकें।
प्रशासन सतर्क, सुरक्षा और सफाई के निर्देश
बागपत प्रशासन को पूरे दौरे के लिए अलर्ट मोड में रखा गया है। रमाला मिल और हिंदन नदी क्षेत्र में अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है। पुलिस बल, स्वास्थ्य विभाग और स्वच्छता कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि निरीक्षण से पहले इलाके को साफ और सुरक्षित बनाया जाए।
मेरठ से शुरू होगी यात्रा, वहीं होगा विश्राम
मंत्री दिनेश खटीक का काफिला शाम 4 बजे मेरठ के गंगानगर से रवाना होगा और सभी कार्यक्रमों के बाद रात्रि विश्राम मेरठ में ही होगा। इससे साफ है कि बागपत का दौरा महज औपचारिकता नहीं, बल्कि एक योजनाबद्ध और रणनीतिक हस्तक्षेप की कोशिश है।
क्या मिलेगी बूढ़पुर को राहत?
ग्रामीणों की उम्मीदें अब मंत्री खटीक के दौरे पर टिकी हैं। अगर यह निरीक्षण केवल ‘तुरंत सफाई दिखाने’ तक सीमित न रहकर नीतिगत कार्रवाई की ओर बढ़ा, तो बूढ़पुर जैसे गांवों की तकदीर बदल सकती है। अब देखना यह है कि क्या यह दौरा सिर्फ तस्वीरों तक सीमित रहेगा या नीचे बहते जहर के खिलाफ ऊपर से कोई ठोस कार्रवाई भी होगी।
