बूढ़पुर के ज़हरीले नाले पर छपरौली विधायक की चिट्ठी से हलचल

वेस्ट यूपी

PoliticalAdda.com की रिपोर्टिंग का दिखा असर
ग्रामीणों की असमय मौतों पर शासन को लिखा पत्र, नाले की सफाई और पक्कीकरण की माँग उठाई

बागपत | 24 जून 2025 | PoliticalAdda.com विशेष रिपोर्ट

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत ज़िले के बूढ़पुर गांव में फैले ज़हरीले नाले पर आखिरकार शासन-प्रशासन की नींद टूटी है। छपरौली विधानसभा से विधायक और विधानसभा की स्थायी आवासीय समिति के सभापति डॉ. अजय कुमार ने इस गंभीर मुद्दे पर शासन को पत्र लिखकर बूढ़पुर और आसपास के गांवों को मौत के मुंह से बचाने की मांग की है। यह वही मुद्दा है जिसे सबसे पहले PoliticalAdda.com ने प्रमुखता से उठाया था, जहाँ गांव के लोग नाले के ज़हर को गांव में हो रही असमय मौतों की बड़ी वजह बता रहे थे।

गांव के बीच बहता मौत का नाला

बूढ़पुर गांव के बीचोंबीच बह रहा कांधला ड्रेन वर्षों से बदहाल है। इसमें न सिर्फ़ सहारनपुर की घसौली ड्रेन और गांवों का सीवेज गिर रहा है, बल्कि रासायनिक अपशिष्ट और फैक्ट्रियों का गंदा पानी भी मिलकर इसे ज़हर की धारा बना चुका है। ग्रामीणों का दावा है कि इसी जहरीले पानी के कारण गांव में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियाँ तेजी से फैल रही हैं और पिछले कुछ वर्षों में कई असमय मौतें हो चुकी हैं।

विधायक ने माना—बूढ़पुर में बन चुका है बीमारियों का हॉटस्पॉट

डॉ. अजय कुमार ने अपने पत्र में स्वीकार किया है कि रमाला चीनी मिल और कांधला ड्रेन के प्रदूषण का असर सीधे नाला, ककडीपुर, बूढ़पुर, खडाना, जैसे गांवों पर पड़ा है। नाले के कारण भूमिगत जल स्रोत भी प्रदूषित हो गए हैं, जिससे रोज़मर्रा के इस्तेमाल के पानी में ज़हर घुल चुका है। उन्होंने चेताया कि यदि तत्काल पक्कीकरण और सफाई नहीं हुई तो इन गांवों में गंभीर बीमारियों की स्थिति और भयावह हो सकती है।

क्या मांग की है विधायक ने?

विधायक डॉ. अजय कुमार ने प्रमुख सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग को भेजे पत्र में निम्न मांगें की हैं:

  • कांधला ड्रेन की 14.280 किलोमीटर लंबाई की संपूर्ण सफाई की जाए।
  • बूढ़पुर से कृष्णी नदी तक ड्रेन की पीचिंग / पक्कीकरण कराया जाए।
  • यमुना नहर के निकट पम्पिंग चैनल की मरम्मत की जाए जिससे गंदे पानी को शुद्धिकरण के बाद छोड़ा जा सके।

PoliticalAdda.com की रिपोर्टिंग से आया बदलाव

बूढ़पुर गांव में फैली इस त्रासदी को पहली बार PoliticalAdda.com ने सामने रखा था। हमारी ग्राउंड रिपोर्ट में दिखाया गया था कि कैसे नाले का ज़हर गांव की सांसों में घुल रहा है। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के बीमार पड़ने और इलाज के अभाव में मौतों की बढ़ती संख्या ने शासन को झकझोर दिया।

ग्रामीणों ने कहा—अब तो कार्रवाई हो

विधायक की चिट्ठी से गांव में उम्मीद की किरण जागी है। गांव के प्रधान सचिन तोमर और सामाजिक कार्यकर्ता मनोज मास्टर ने कहा कि “अगर अब भी नाला साफ और पक्का नहीं हुआ तो यह पूरा इलाका बीमारियों का गढ़ बन जाएगा।”


PoliticalAdda.com लगातार इस मुद्दे पर निगाह बनाए हुए है और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि शासन केवल फाइलों में नहीं, ज़मीन पर भी बदलाव लाए।

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