सपनों का घर बना दुश्वारियों का अड्डा — अंसल कोर्टयार्ड में पार्क और मंदिर पर कब्ज़े की साज़िश”

Interview


हाईवे पर बनाई सोसाइटी, पर सर्विस रोड तक नहीं
बारिश में जलभराव, रेन वाटर हार्वेस्टिंग नदारद
पार्क और मंदिर पर कब्ज़े के खिलाफ कॉलोनीवासियों का हंगामा
महिलाओं-पुरुषों समेत 150 लोगों ने एमडीए उपाध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन
बिल्डर करुण अंसल के लोगों पर लाठी-डंडों से हमला करने और जान से मारने की धमकी का आरोप
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मेरठ।
शहर में हाईराइज सोसाइटी की चमक-दमक में घर खरीदने वाले लोग सोचते हैं कि अब आराम और चैन से जीवन कटेगा, मगर असलियत उलट निकल रही है। गृह प्रवेश के बाद शुरू होने वाली समस्याएं जिंदगी को और कठिन बना देती हैं।
अंसल की सोसाइटी, सुविधाएं गायब


दिल्ली-देहरादून हाईवे पर बनी अंसल कोर्टयार्ड सोसाइटी में रहने वाले लोग रोज़ाना खतरों के बीच जी रहे हैं। सोसाइटी के लिए न सर्विस रोड बनाई गई, न रेन वाटर हार्वेस्टिंग। बारिश होते ही पूरा परिसर तालाब में तब्दील हो जाता है और हाईवे से सीधे रिंग रोड पर चढ़ना लोगों की मजबूरी है।


पार्क और मंदिर पर भी नज़र
बिल्डर ने लेआउट प्लान में पार्क और बच्चों के खेलने की जगह दिखाकर फ्लैट बेचे, पैसा कमाया और फिर पल्ला झाड़ लिया। अब आरोप है कि पार्क और मंदिर की ज़मीन को बेचने और कब्ज़े की साजिश रची जा रही है।


23 सितम्बर की घटना
कॉलोनीवासियों के मुताबिक, 23 सितम्बर 2025 को दोपहर 12 बजे बिल्डर करुण अंसल से जुड़े लोगों ने जेसीबी मशीन से पार्क की दीवार तोड़ दी और अंदर बने वर्षों पुराने मातारानी मंदिर की चौकी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। जब लोगों ने विरोध किया तो उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया गया। इस हमले में पूर्व सूबेदार पवन कुमार सरोहा, अर्जुन सिंह और लोकेन्द्र पाल गंभीर रूप से घायल हो गए।


धमकियां और भागते हमलावर
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हमलावर चीख-चीखकर धमकी दे रहे थे — “हम करुण अंसल के आदमी हैं, यहां से चले जाओ, वरना जान से मार देंगे।” सूचना 112 नंबर पर पुलिस को दी गई, मगर आरोपी धमकी देकर मौके से फरार हो गए।
ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग
इस घटना से नाराज कॉलोनीवासी मंगलवार को बड़ी संख्या में मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) पहुंचे। करीब 150 महिला-पुरुषों ने रेज़िडेंट वेलफेयर एसोसिएशन अध्यक्ष अजीत कुमार के नेतृत्व में उपाध्यक्ष एमडीए को ज्ञापन सौंपा और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।


कॉलोनीवासियों का आक्रोश
निवासियों का कहना है कि पार्क न केवल बच्चों के खेलने की जगह है बल्कि बारिश के दिनों में पानी की निकासी का मुख्य साधन भी है। पिछले 13 वर्षों से वे इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। अब उन्हें डर है कि बिल्डर फर्जी कागजात बनाकर इस ज़मीन को दबंगों को बेच देगा, जिससे उन्हें माहौल बिगड़ने के चलते अपने घर बेचकर पलायन करने की नौबत आ सकती है।
कौन-कौन पहुंचे एमडीए


ज्ञापन देने वालों में श्रीमती रेखा, श्रीमती सीमा मालिक, श्रीमती सुनीता, श्रीमती रेखा गुप्ता, श्रीमती हिमानी, श्रीमती काजल, श्रीमती अर्चना, श्रीमती अनीता, श्रीमती बीना, श्रीमती अर्णिमा, श्रीमती कुसुम लता, श्रीमती शशि गौड़, श्रीमती मोंटी, श्रीमती नीलम, श्रीमती पूनम, श्रीमती ऋचा शर्मा, अजय कुमार त्यागी, अरुण कुमार गुप्ता, एस.के. मनचंदा, महेश चंद गौड़, सुभाष चंद त्यागी, डॉक्टर विक्रांत राणा, डॉक्टर विजय शर्मा, शमशेर सिंह, पूर्व सूबेदार पवन कुमार सरोहा, अर्जुन सिंह, हितेंद्र सिंह, जीतेन्द्र शर्मा, डॉक्टर रजनीश, सुधीर मालिक, विनोद कुमार राय, दीपक चौधरी, बालेश कुमार अग्रवाल समेत दर्जनों निवासी शामिल रहे।
कॉलोनीवासियों का साफ कहना है कि जब तक मंदिर और पार्क सुरक्षित नहीं होते और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

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