मुज़फ्फरनगर के गांधी पॉलिटेक्निक में चल रहे विवाद के बीच मंगलवार को हुई प्रबंध समिति की आपात बैठक में नया घटनाक्रम सामने आया। बैठक में विभागाध्यक्ष (सिविल) और पूर्व कार्यवाहक प्रधानाचार्य राजीव सिंह ने प्रबंध समिति के सामने उपस्थित होकर अपने पिछले आचरण और पत्राचार को लेकर क्षमा याचना की तथा भविष्य में संस्थान और छात्रहित में सहयोग करने का आश्वासन दिया।
10 मार्च 2026 को आयोजित इस आपात बैठक में राजीव सिंह ने यह भी स्वीकार किया कि उन्हें कार्यवाहक प्रधानाचार्य के अतिरिक्त प्रभार से हटाने का निर्णय विधिक और संस्थान के हित में लिया गया था और उन्हें इस पर कोई आपत्ति नहीं है।
प्रबंध समिति ने अध्यक्ष द्वारा 27 फरवरी 2026 को राजीव सिंह को कार्यवाहक प्रधानाचार्य के अतिरिक्त प्रभार से हटाने के निर्णय को सर्वसम्मति से सही ठहराते हुए उसका अनुमोदन कर दिया। साथ ही समिति ने अगला कार्यवाहक प्रधानाचार्य नियुक्त करने का अधिकार अध्यक्ष को सौंप दिया है।

बैठक में यह भी तय किया गया कि राजीव सिंह के खिलाफ प्राप्त शिकायतों की निष्पक्ष जांच के लिए एक जांच समिति गठित की जाएगी, जो एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रबंध समिति को सौंपेगी।
इसके अलावा संस्था में नियमित प्रधानाचार्य की नियुक्ति के लिए प्राविधिक शिक्षा निदेशालय को अलग से पत्र भेजकर जल्द नियुक्ति सुनिश्चित करने का अनुरोध किया जाएगा।

गौरतलब है कि हाल ही में गांधी पॉलिटेक्निक के कई स्टाफ सदस्यों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना-पत्र देकर राजीव सिंह और प्रवक्ता (सिविल) अंकित सिंह पर फर्जी शिकायतें कराने, प्रशासनिक अनियमितताओं और स्टाफ पर दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। इसी विवाद के बीच प्रबंध समिति की यह आपात बैठक बुलाई गई थी।
बैठक में प्रबंध समिति के अध्यक्ष कंदर्प स्वरूप, ओमानंद ब्रह्मचारी, सुधीश प्रकाश, संयुक्त निदेशक (प्राविधिक शिक्षा) पश्चिमी क्षेत्र दौराला (मेरठ) के प्रतिनिधि, निदेशक प्राविधिक शिक्षा कानपुर उत्तर प्रदेश के नामित सदस्य मुकेश कुमार , प्रधानाचार्य महिला पॉलीटेक्निक दौराला मेरठ सहित अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
