1.80 करोड़ रुपये की सहयोग राशि जुटी, एमएनआईटी के विशेषज्ञों ने तैयार किया स्मारक का डिजाइन

सीकर। भारतरत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरणसिंह की स्मृति में सीकर में प्रस्तावित चौधरी चरणसिंह राष्ट्रीय स्मारक के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। स्मारक का शिलान्यास आगामी 26 अक्टूबर को किसान नेता एवं सीकर के पूर्व सांसद चौधरी कुंभाराम आर्य की पुण्यतिथि और पूर्णिमा के अवसर पर किया जाएगा। शिलान्यास समारोह सादगीपूर्ण तरीके से आयोजित किए जाने की बात भारतरत्न चौधरी चरणसिंह स्मृति संस्थान, सीकर की ओर से कही गई है।
स्मारक निर्माण को लेकर संस्थान की साधारण सभा की बैठक सीकर के एक निजी विद्यालय में आयोजित हुई। बैठक में निर्माण कार्य की प्रगति, आर्थिक सहयोग, प्रस्तावित डिजाइन और स्मारक में विकसित की जाने वाली सुविधाओं पर चर्चा की गई।

रामू का बास तिराहे पर बनेगा स्मारक
प्रस्तावित राष्ट्रीय स्मारक का निर्माण सीकर के रामू का बास तिराहे पर किया जाएगा। बैठक के मुख्य अतिथि झाबरसिंह खर्रा ने कहा कि यहां बनने वाला चौधरी चरणसिंह राष्ट्रीय स्मारक भव्य और दिव्य होगा। उन्होंने कहा कि स्मारक पर आने वाले लोगों के साथ ही वहां से गुजरने वाले लोगों को भी चौधरी चरणसिंह के जीवन और विचारों से प्रेरणा मिलेगी।
खर्रा ने स्मारक परिसर में म्यूजियम और लाइब्रेरी विकसित करने का सुझाव भी दिया, ताकि यह स्थान केवल स्मृति स्थल तक सीमित न रहे बल्कि लोगों को चौधरी चरणसिंह के जीवन, संघर्ष और विचारों से परिचित कराने का माध्यम बन सके।
सर्व समाज से मिल रहा सहयोग
संस्थान एवं सभा के अध्यक्ष चौधरी नारायणसिंह ने कहा कि स्मारक निर्माण के लिए सर्व समाज से सहयोग प्राप्त हो रहा है। उन्होंने सहयोग करने वाले सभी भामाशाहों का आभार व्यक्त किया।
नारायणसिंह ने बताया कि 26 अक्टूबर को चौधरी कुंभाराम आर्य की पुण्यतिथि पर सादे समारोह में स्मारक का शिलान्यास किया जाएगा। संस्थान की ओर से स्मारक निर्माण को लेकर लंबे समय से सहयोग जुटाने का अभियान चलाया जा रहा है।

अब तक 1 करोड़ 80 लाख रुपये की सहयोग राशि
संस्थान के मंत्री दयाराम महरिया ने बैठक में स्मारक निर्माण से संबंधित प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। वहीं कोषाध्यक्ष प्रभुदयाल ओला ने आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि बैठक के दौरान प्राप्त 27 लाख रुपये सहित अब तक स्मारक निर्माण के लिए 1 करोड़ 80 लाख रुपये की सहयोग राशि प्राप्त हो चुकी है।
बैठक में स्मारक निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग देने वाले भामाशाहों का सम्मान भी किया गया।
नरेशपाल डागर का विशेष सम्मान
अब तक 12.51 लाख रुपये की सर्वोच्च सहयोग राशि देने वाले दिल्ली निवासी एवं प्रवासी गोवटी नरेशपाल डागर का बैठक में विशेष सम्मान किया गया।
संस्थान की ओर से स्मारक निर्माण में सहयोग करने वाले अन्य भामाशाहों के प्रति भी आभार जताया गया।
एमएनआईटी के विशेषज्ञों ने तैयार किया वास्तुशिल्प
प्रस्तावित स्मारक का वास्तुशिल्प और डिजाइन एमएनआईटी के प्रो. नंदकिशोर मातवा, अनिल धीवा और इंजीनियर हेमाराम रणवा ने प्रस्तुत किया। साधारण सभा ने प्रस्तुत डिजाइन का सर्वसम्मति से अनुमोदन किया।
स्मारक को लेकर संस्थान की ओर से ऐसी परिकल्पना रखी जा रही है जिसमें चौधरी चरणसिंह के जीवन और उनके किसान एवं ग्रामीण भारत से जुड़े विचारों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाया जा सके।
जयंत चौधरी के सामने भी रखा गया था 3D मॉडल
स्मारक की प्रस्तावित परिकल्पना और 3D मॉडल इससे पहले केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी के समक्ष भी प्रस्तुत किया जा चुका है। संस्थान के प्रतिनिधियों ने नई दिल्ली में प्रस्तावित स्मारक की डिजाइन और निर्माण योजना के बारे में जानकारी दी थी।
संस्थान की योजना स्मारक को चौधरी चरणसिंह की स्मृति से जुड़े एक ऐसे केंद्र के रूप में विकसित करने की है, जहां उनके जीवन, राजनीतिक यात्रा, किसान हितों से जुड़े विचारों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को लेकर उनके दृष्टिकोण से नई पीढ़ी परिचित हो सके।
चौधरी कुंभाराम आर्य की पुण्यतिथि पर रखी जाएगी नींव

26 अक्टूबर का दिन सीकर और किसान राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। इसी दिन किसान नेता एवं सीकर के पूर्व सांसद चौधरी कुंभाराम आर्य की पुण्यतिथि है। संस्थान ने इसी अवसर को स्मारक के शिलान्यास के लिए चुना है।
चौधरी चरणसिंह और चौधरी कुंभाराम आर्य दोनों ही किसान राजनीति से जुड़े प्रमुख नाम रहे हैं। ऐसे में उनकी स्मृति से जुड़े इस अवसर पर सीकर में प्रस्तावित राष्ट्रीय स्मारक की आधारशिला रखी जाएगी।
बैठक में प्रमुख लोग रहे मौजूद
साधारण सभा की बैठक को क्रय समिति के अध्यक्ष आरएस जाखड़, सहमंत्री हरफूल सिंह खीचड़, हरिराम रणवा, राजाराम मील और देवीसिंह कुड़ी सहित अन्य लोगों ने संबोधित किया।
बैठक में मदन सेवदा, निवर्तमान प्रधान लक्ष्मणगढ़, बलवीर सिंह सारण, हनुमान सिंह पचार, पूर्व सरपंच सुभाष ढाका, डॉ. नेकीराम आर्य, भागीरथ सिंह शेखावत, विजयपाल खीचड़, भंवरलाल कुमावत, भानाराम शेषमा, भोपाल सिंह, भगवान सिंह छबरवाल, हरिराम सेवदा और बबलू पार्षद सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में संस्थान के निदेशक भंवरलाल वर्मा ने सभी उपस्थित लोगों और सहयोगकर्ताओं का धन्यवाद किया।
स्मारक को लेकर मुख्य बातें
स्थान: रामू का बास तिराहा, सीकर
शिलान्यास: 26 अक्टूबर
अवसर: चौधरी कुंभाराम आर्य की पुण्यतिथि और पूर्णिमा
अब तक सहयोग राशि: 1 करोड़ 80 लाख रुपये
बैठक में प्राप्त सहयोग: 27 लाख रुपये
सर्वाधिक सहयोग राशि: 12.51 लाख रुपये, नरेशपाल डागर
प्रस्तावित सुविधाएं: म्यूजियम और लाइब्रेरी
डिजाइन: एमएनआईटी के विशेषज्ञों की टीम
आयोजक संस्था: भारतरत्न चौधरी चरणसिंह स्मृति संस्थान, सीकर

See less
