रिढाऊ से दिल्ली तक: चौधरी रतन सिंह की स्मृतियों में बचा हुआ एक दौर

लेखक: चौधरी वीरेंद्र सिंह, दिल्ली मेरे ननिहाल पक्ष के दादा, चौधरी रतन सिंह मुण्टोड़/गहलौत, हरियाणा के रोहतक ज़िले के गाँव रिढाऊ (पोस्ट ऑफिस फारमाणा) के निवासी थे। उनके पूर्वजों द्वारा बनाई गई हवेलियाँ और इमारतें आज भी गाँव की विरासत की तरह खड़ी हैं। उनके पिता, चौधरी गुगन सिंह, एक जागरूक और समृद्ध ज़मींदार थे। […]

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Rakesh Tikait wearing a traditional turban, symbolizing farmer leadership and legacy in Indian agrarian politics

पहलगाम…पगड़ी… पंचायत और सियासत

टिकैत की पगड़ी का सवाल, वेस्ट यूपी की सियासत में उबाल पहलगाम से पगड़ी तक: एक विरोध ने कैसे खड़े कर दिए बड़े सवालपगड़ी की गरिमा या सियासत की चाल? जाट नेतृत्व और किसान राजनीति की नई कसौटीपंचायत में कौन साथ, कौन दूर: सियासी दलों की चुप्पी और सक्रियता का विश्लेषण डॉ. रवींद्र प्रताप राणा […]

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