लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर को कारण बताओ नोटिस, अखिलेश ने कसा ये तंज!

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PoliticalAdda.com | विशेष रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल मचाने वाले लोनी के भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने अपनी ही सरकार और प्रशासन के खिलाफ खुलकर बयानबाजी की है, जिससे पार्टी नेतृत्व नाराज नजर आ रहा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी के निर्देश पर पार्टी ने उन्हें ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी कर सात दिन में जवाब मांगा है। वहीं सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने इस प्रकरण का हवाला देते हुए एक्स पर लिखा है कि भाजपा के राज में भाजपाई ही खोल रहे राज, कैसे हर तरफ फैला है अन्याय और भ्रष्टाचार।

भाजपा का नोटिस, जवाब तलब

पार्टी के प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ला ने मीडिया को बताया कि विधायक नंद किशोर गुर्जर से उनके हालिया बयानों पर सफाई देने को कहा गया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि उनके द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर सरकार की आलोचना और पार्टी हितों को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियां अनुशासनहीनता के दायरे में आती हैं। इस नोटिस में कहा गया है कि अगर सात दिन के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

क्या बोले थे नंद किशोर गुर्जर?

विधायक नंद किशोर गुर्जर ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पर निशाना साधते हुए अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि “मुख्य सचिव ने तंत्र-मंत्र कर महाराज जी (योगी आदित्यनाथ) का दिमाग बांध दिया है। अधिकारी मुख्यमंत्री को गुमराह कर सरकारी खजाने को लूट रहे हैं। मुख्य सचिव दुनिया के सबसे भ्रष्ट अधिकारी हैं।”

पार्टी में बढ़ती नाराजगी

नंद किशोर गुर्जर का यह बयान भाजपा के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। पार्टी अनुशासन को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाए हुए है और इस तरह की बगावती बयानबाजी को बर्दाश्त नहीं किया जाता। इससे पहले भी गुर्जर कई बार प्रशासन और सरकार के खिलाफ बोल चुके हैं, जिससे पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा है।

क्या होगी कार्रवाई?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा नेतृत्व इस मामले को हल्के में नहीं लेगा। अगर विधायक गुर्जर अपने बयान पर माफी नहीं मांगते या संतोषजनक जवाब नहीं देते, तो उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। संभावनाएं हैं कि उन्हें पार्टी से निष्कासित भी किया जा सकता है या फिर उनका टिकट कट सकता है।

कौन हैं नंद किशोर गुर्जर?

नंद किशोर गुर्जर उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से ताल्लुक रखते हैं। वे गुर्जर समुदाय से आते हैं और इस समुदाय में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। वे एक परंपरागत किसान परिवार से हैं, लेकिन उनकी राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियां हमेशा चर्चाओं में रही हैं।

उनकी पत्नी का नाम सुमन गुर्जर है, जो एक गृहिणी हैं। परिवार में उनके दो बेटे और एक बेटी हैं।

छात्र राजनीति में रहे सक्रिय

नंद किशोर गुर्जर ने प्रारंभिक शिक्षा अपने गृह जिले गाजियाबाद से पूरी की। उन्होंने स्नातक तक की पढ़ाई की है, हालांकि उनकी उच्च शिक्षा को लेकर विभिन्न रिपोर्ट्स में अलग-अलग दावे किए जाते रहे हैं। छात्र जीवन से ही वे छात्र राजनीति में सक्रिय थे और कई आंदोलनों का हिस्सा रहे हैं

राजनीतिक करियर

नंद किशोर गुर्जर ने भाजपा के टिकट पर 2017 में लोनी विधानसभा सीट से जीत हासिल की और विधायक बने। 2022 में वे पुनः इसी सीट से जीतकर विधायक बने।

वे गुर्जर समुदाय के प्रभावशाली नेता माने जाते हैं और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनका नाम चर्चा में रहता है। उन्होंने अपने क्षेत्र में विकास कार्यों पर जोर दिया, लेकिन वे कई बार अपने विवादित बयानों और प्रशासनिक मुद्दों के कारण भी सुर्खियों में रहे।

आपराधिक रिकॉर्ड और हलफनामे में खुलासे

नंद किशोर गुर्जर के विधानसभा चुनाव हलफनामे के अनुसार, उन पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें दंगा भड़काने, सरकारी काम में बाधा डालने, अभद्र भाषा का प्रयोग करने जैसी धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। हालांकि, उन्होंने हर बार खुद को निर्दोष बताते हुए इन आरोपों को राजनीतिक साजिश करार दिया है।

संपत्ति और आर्थिक स्थिति

उनके हलफनामे के अनुसार, नंद किशोर गुर्जर की कुल संपत्ति करोड़ों रुपये में है। उनके पास कई अचल संपत्तियां हैं, जिनमें गाजियाबाद और अन्य स्थानों पर कृषि भूमि, आवासीय संपत्तियां और व्यावसायिक प्लॉट शामिल हैं। वे कई गाड़ियों के भी मालिक हैं। उनकी पत्नी सुमन गुर्जर के नाम भी कुछ संपत्तियां दर्ज हैं।

लोकप्रियता और विवाद

उनकी लोकप्रियता गुर्जर समाज और युवा मतदाताओं के बीच अधिक है। वे अपने आक्रामक तेवर और बेबाक बयानबाजी के लिए जाने जाते हैं। हालांकि, इसी कारण वे भाजपा के अनुशासनात्मक दायरे में भी आ चुके हैं।

जब कलश यात्रा में फटा नंदकिशोर गुर्जर का कुर्ता

https://twitter.com/GurjarOf_India/status/1903502745329697159

​हाल ही में गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र के भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर का फटा कुर्ता राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। पुलिस द्वारा राम कलश यात्रा रोकने के प्रयास में हुई धक्का-मुक्की में उनका कुर्ता फट गया था। इसके विरोध में, विधायक गुर्जर ने घोषणा की कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, वे उसी फटे कुर्ते को पहनेंगे और नंगे पैर रहेंगे। ​

इस घटना के बाद, विधायक गुर्जर फटे कुर्ते में नंगे पैर दिशा समिति की बैठक में पहुंचे, जिससे यह मुद्दा और अधिक सुर्खियों में आ गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्याय मिलने तक वे अपना कुर्ता नहीं बदलेंगे।

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी हुए दुखी

इस बीच, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दादरी में एक जनसभा के दौरान नंदकिशोर गुर्जर के फटे कुर्ते को देखकर दुख व्यक्त किया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।

लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर के फटे कुर्ते पर क्या बोले केशव प्रसाद मौर्य #news #viralshorts #shorts
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विधायक गुर्जर के इस कदम से राजनीतिक हलकों में हलचल मची हुई है, और यह मामला राज्य की राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।​

राकेश टिकैत पर टिप्पणी : किसान आंदोलन के दौरान बड़ा विवाद

2020-21 के किसान आंदोलन के दौरान नंद किशोर गुर्जर और भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता राकेश टिकैत के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली। नंद किशोर गुर्जर ने आंदोलन के दौरान टिकैत पर गंभीर आरोप लगाए और उन्हें देशद्रोही करार दिया। उन्होंने कहा कि टिकैत विदेशी ताकतों के इशारे पर काम कर रहे हैं और किसान आंदोलन को राजनीतिक एजेंडे के तहत चला रहे हैं

गुर्जर ने राकेश टिकैत को पाकिस्तान समर्थक ताकतों का सहयोगी बताते हुए कहा था कि यह आंदोलन किसानों के हित में नहीं बल्कि देश को अस्थिर करने की साजिश है। इस बयान के बाद किसान संगठनों में भारी आक्रोश देखने को मिला था और टिकैत समर्थकों ने गुर्जर के खिलाफ प्रदर्शन किया था।

किसान आंदोलन के दौरान गाजीपुर बॉर्डर पर जब प्रशासन ने आंदोलनकारियों को हटाने की कोशिश की, तब राकेश टिकैत भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू निकल आए। इस घटना के बाद आंदोलन को नया जोश मिला और किसानों का भारी समर्थन मिला। इस बीच नंद किशोर गुर्जर ने टिकैत की इस भावुक अपील को नाटक बताया और कहा कि यह किसानों को गुमराह करने की चाल है।

हालांकि, इस विवाद के बाद नंद किशोर गुर्जर को किसानों के विरोध का भी सामना करना पड़ा और उनके कुछ कार्यक्रमों में किसान संगठनों ने प्रदर्शन भी किया।

जब विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने लगाया लोनी में सब्जी का ठीया

पिछले महीने, गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र के भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने एक अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने सड़क किनारे सब्जी बेचकर प्रशासन के उस निर्णय का विरोध किया, जिसमें साप्ताहिक पैठ बाजारों को बंद करने का आदेश दिया गया था। ​

विधायक गुर्जर का कहना था कि पुलिस प्रशासन द्वारा साप्ताहिक बाजारों को बंद करने से गरीब रेहड़ी-पटरी वालों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस इन छोटे व्यापारियों से अवैध वसूली करती है और उनका उत्पीड़न करती है। इस स्थिति के विरोध में, उन्होंने स्वयं सड़क पर बैठकर सब्जी बेची, ताकि प्रशासन का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित किया जा सके। ​

 विधायक गुर्जर ने चेतावनी दी कि यदि गरीब सब्जी विक्रेताओं का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ, तो वे इस मुद्दे को विधानसभा सत्र में उठाएंगे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत करेंगे। उन्होंने अधिकारियों पर विपक्षी दलों के एजेंट के रूप में कार्य करने का भी आरोप लगाया।

इस अनोखे विरोध प्रदर्शन के दौरान, विधायक गुर्जर ने लगभग एक घंटे में 54 किलोग्राम सब्जी बेची, जिससे स्थानीय जनता और मीडिया का ध्यान आकर्षित हुआ। ​

यह घटना सोशल मीडिया पर भी व्यापक रूप से चर्चा का विषय बनी, जहां लोगों ने विधायक के इस कदम की सराहना की और प्रशासन से गरीब व्यापारियों के प्रति संवेदनशील होने की अपील की।


क्या कहता है यह प्रकरण?

यह मामला भाजपा में आंतरिक असंतोष और प्रशासनिक फैसलों को लेकर विधायकों की नाराजगी को उजागर करता है। उत्तर प्रदेश में सख्त अनुशासन की नीति अपनाने वाली भाजपा क्या अपने ही विधायक पर कार्रवाई करेगी या उन्हें माफ कर देगी? यह देखना दिलचस्प होगा।

इस पूरे मामले पर आपकी क्या राय है? हमें PoliticalAdda.com पर कमेंट करके बताएं।

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