रैपिड रेल ‘नमो भारत’: सोशल मीडिया की सुर्खियों से आगे, उपलब्धियों का ठोस रिकॉर्ड

विकास

Dr Ravindra Rana

दिल्ली–गाज़ियाबाद–मेरठ रैपिड रेल ‘नमो भारत’ को लेकर सोशल मीडिया पर भले ही अलग-अलग तरह की चर्चाएं होती रही हों, लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि वर्ष 2025 नमो भारत के लिए उपलब्धियों से भरा रहा। नमो भारत का संचालन कर रही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने इस वर्ष कई ऐसे मील के पत्थर छुए, जो इसे देश की आधुनिक सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों में एक अलग पहचान देते हैं।

क्या है ‘कम्यूटर ट्रिप’ और क्यों है यह अहम

एनसीआरटीसी के मुताबिक, नमो भारत ने परिचालन शुरू होने के महज़ दो वर्षों के भीतर 2 करोड़ से अधिक ‘कम्यूटर ट्रिप्स’ पूरी कर ली हैं।

यहां यह समझना ज़रूरी है कि कम्यूटर ट्रिप का अर्थ यात्रियों की संख्या नहीं, बल्कि यात्राओं की कुल गिनती होता है।

उदाहरण के तौर पर, यदि कोई व्यक्ति सुबह नमो भारत से कार्यालय जाता है और शाम को वापस लौटता है, तो वह एक यात्री होते हुए भी दो कम्यूटर ट्रिप्स बनाता है।

इस लिहाज़ से 2 करोड़ कम्यूटर ट्रिप्स का मतलब है कि लाखों यात्रियों ने बार-बार नमो भारत को अपनी दैनिक ज़रूरतों के लिए चुना और उस पर भरोसा जताया।

नेटवर्क विस्तार से बढ़ा यात्री आधार

वर्ष की शुरुआत 5 जनवरी 2025 को एक अहम उपलब्धि के साथ हुई, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली–गाज़ियाबाद–मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के 13 किलोमीटर अतिरिक्त खंड का उद्घाटन किया। इसके साथ ही कॉरिडोर दिल्ली के न्यू अशोक नगर तक विस्तारित हुआ और आनंद विहार जैसे प्रमुख मल्टीमॉडल ट्रांजिट हब को यात्रियों के लिए खोला गया।

नेटवर्क विस्तार का सीधा असर यात्रियों की संख्या पर पड़ा। 2025 के मध्य तक नमो भारत की मासिक राइडरशिप बढ़कर लगभग 15 लाख यात्रियों तक पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में दोगुने से भी अधिक है। एक दिन में सर्वाधिक 81,500 यात्रियों की यात्रा दर्ज की गई, जबकि वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 55,000 से 60,000 यात्री नमो भारत का उपयोग कर रहे हैं।

तेज़, भरोसेमंद और कनेक्टेड यात्रा

फिलहाल न्यू अशोक नगर से मेरठ साउथ तक 55 किलोमीटर लंबा खंड, 11 स्टेशनों के साथ परिचालित है। शेष हिस्सों में ट्रायल रन उन्नत चरण में हैं और पूरे कॉरिडोर के चालू होने के बाद दिल्ली से मेरठ तक की यात्रा समय और सुविधा, दोनों के लिहाज़ से नई परिभाषा गढ़ेगी।

फर्स्ट और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए उबर और रैपिडो जैसी सेवाओं के साथ साझेदारी की गई है। दिल्ली मेट्रो के साथ इंटीग्रेटेड टिकटिंग सिस्टम के ज़रिए यात्री एक ही मोबाइल ऐप से नमो भारत और मेट्रो, दोनों की टिकट बुक कर पा रहे हैं। नमो भारत कनेक्ट ऐप के यूज़र्स की संख्या अब 7.5 लाख तक पहुंच चुकी है।

स्टेशन बने केवल प्लेटफ़ॉर्म नहीं

एनसीआरटीसी ने स्टेशनों को केवल यात्रा का पड़ाव नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम किया। आनंद विहार स्टेशन पर बुक फेयर, लाइव म्यूज़िक कार्यक्रम, बच्चों और युवाओं की सहभागिता वाले आयोजन तथा राष्ट्रीय-सामाजिक दिवसों का सामूहिक आयोजन यात्रियों के अनुभव को अलग स्तर पर ले गया।

सुरक्षा और पर्यावरण पर समान ध्यान

यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई स्टेशनों के पास पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं। वहीं पर्यावरणीय स्थिरता की दिशा में दुहाई डिपो में शुरू की गई ‘सोलर ऑन ट्रैक’ परियोजना और हरित ऊर्जा पर बढ़ता ज़ोर नमो भारत को भविष्य-अनुकूल परिवहन प्रणाली के रूप में स्थापित करता है। आनंद विहार अंडरग्राउंड स्टेशन को आईजीबीसी की प्लेटिनम रेटिंग मिलना इसी दिशा में एक अहम उपलब्धि है।

चर्चा से परे, निरंतर विस्तार की ओर

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मिले पुरस्कार, विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की सराहना और नए कॉरिडोर की योजनाएं यह संकेत देती हैं कि नमो भारत केवल एक ट्रांजिट प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि एनसीआर के शहरी विकास की रीढ़ बनने की ओर बढ़ रहा है।

सोशल मीडिया की क्षणिक चर्चाओं से इतर, 2025 में नमो भारत ने यह साबित किया है कि भरोसेमंद सेवा, निरंतर विस्तार और यात्रियों का विश्वास, यही किसी भी सार्वजनिक परिवहन की असली उपलब्धि होती है।

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