वीआईपी ट्रेन में भी सुरक्षित नहीं जनप्रतिनिधि
वीआईपी ट्रेनों में भी अब चोरी की घटनाएं आम होती जा रही हैं। ताजा मामला मेरठ के सरधना से सपा विधायक अतुल प्रधान का है, जिनका बैग लखनऊ मेल की फर्स्ट एसी बोगी से चोरी हो गया।
मामला 2 मार्च का है, जब विधायक हापुड़ से लखनऊ आ रहे थे। ट्रेन नंबर 12230 लखनऊ मेल की एच-1 कोच की सीट नंबर A-4 पर यात्रा कर रहे विधायक का काले रंग का बैग चोरी हो गया, जिसमें महत्वपूर्ण दस्तावेज थे। घटना के बाद उन्होंने चारबाग जीआरपी में शिकायत दर्ज कराई और बैग बरामद करने की मांग की।
ट्रेनों में किन्नरों और अवैध वेंडरों की मनमानी
यात्रियों की परेशानियों का सिलसिला सिर्फ चोरी तक ही सीमित नहीं है। ट्रेनों में बिना टिकट सफर कर रहे किन्नरों का आतंक भी बढ़ गया है। सोमवार को पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन पर कई यात्रियों ने किन्नरों द्वारा जबरन वसूली की शिकायत दर्ज कराई। यात्री नरेश चक्रवर्ती ने स्टेशन निदेशक से इस संबंध में कार्रवाई की मांग की।
वहीं, रेलवे स्टेशन पर अवैध वेंडरों का भी आतंक है। ये वेंडर ट्रेनों में घटिया खाना और नकली पानी की बोतलें बेच रहे हैं। छोटे स्टेशनों से चढ़कर आउटर पर उतरने वाले ये वेंडर यात्रियों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। लेकिन रेलवे की कैटरिंग टीम लाचार बनी हुई है।
सवालों के घेरे में रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था
चोरी, अवैध वेंडरों और किन्नरों की मनमानी ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। सवाल यह है कि जब एक विधायक तक सुरक्षित नहीं हैं, तो आम यात्रियों की सुरक्षा का क्या हाल होगा? क्या रेलवे प्रशासन इन समस्याओं का कोई ठोस समाधान निकाल पाएगा?
