Meeting of Meerut Bullian Traders in Meerut Development Authority

मेरठ में बनेगा ज्वेलरी पार्क,आभूषण कारोबार को मिलेगी नई पहचान

विकास

ज्वेलरी पार्क के लिए दो प्लान पेश, 196 और 214 यूनिट्स के निर्माण का प्रस्ताव।कारीगरों और व्यापारियों को संगठित करने के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस परिसर की योजना।

मेरठ के पारंपरिक सराफा बाजार को नियमित करने की मांग, व्यापारियों ने उठाई आवाज

मेरठ विकास प्राधिकरण के प्रोजेक्शन हॉल में 3 मार्च को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन, मेरठ जेम्स एंड ज्वेलरी फेडरेशन, राइट्स कंपनी और मेरठ विकास प्राधिकरण के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में राइट्स कंपनी की ओर से आशीष ने ज्वेलरी पार्क और फैक्ट्री फ्लैटेड कॉम्प्लेक्स से संबंधित प्रेजेंटेशन दिया। इस दौरान दो संभावित प्रारूप – प्लान A और प्लान B प्रस्तुत किए गए।

प्लान A और B में अंतर
प्लान A के तहत 196 यूनिट्स के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया, जिसमें 63,500 स्क्वायर मीटर का कवर्ड एरिया होगा। वहीं, प्लान B में 214 छोटी और बड़ी यूनिट्स बनाने की योजना प्रस्तुत की गई, जिसमें 64,500 स्क्वायर मीटर का कवर्ड एरिया प्रस्तावित है। दोनों ही प्रस्तावों में 1.4 FAR (फ्लोर एरिया रेश्यो) का उपयोग कर बेसमेंट पार्किंग के साथ पांच मंजिला इमारत बनाने की बात कही गई।

सुविधाओं से लैस होगा कॉम्प्लेक्स
इस ज्वेलरी पार्क में कारीगरों और आभूषण निर्माताओं के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसमें कॉमन फैसिलिटी सेंटर, बैंक, कस्टम ऑफिस, गार्ड रूम, पावर बैकअप, गैस सप्लाई, एयर पाइपलाइन, ETP, STP, गोल्ड लॉकर रूम जैसी सुविधाओं को शामिल किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य मेरठ में पारंपरिक रूप से बनाई जाने वाली हल्की ज्वेलरी के कारीगरों को संगठित करना और उनकी आजीविका को सुरक्षित बनाना है।

व्यापारियों ने रखी विशेष मांगें
बैठक के दौरान मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल ने मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष से आग्रह किया कि ज्वेलरी पार्क में लॉजिस्टिक स्पेस की भी व्यवस्था की जाए, जिससे निर्मित आभूषणों की सप्लाई सुगम हो। वहीं, संरक्षक राजेंद्र जैन ने बाहर से आने वाले बायर्स के लिए एक अलग गेस्ट हाउस ब्लॉक बनाने की मांग की। महामंत्री विजयआनन्द अग्रवाल ने कहा कि इस प्रोजेक्ट के नजदीक ज्वेलर्स के लिए एक अत्याधुनिक कॉम्प्लेक्स होना चाहिए, जिससे वर्कशॉप और रिटेल शोरूम आपस में समन्वय से काम कर सकें।

ऋषभ महेश्वरी ने सुझाव दिया कि कॉम्प्लेक्स का निर्माण इस प्रकार किया जाए कि एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक में जाने के लिए भी सुरक्षा जांच अनिवार्य हो। वहीं, मनोज गर्ग ने कहा कि इस प्रोजेक्ट में FAR को निशुल्क बढ़ाया जाना चाहिए। अमित अग्रवाल ने मुंबई में बन रहे ज्वेलरी पार्क का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां कम दरों पर स्पेस उपलब्ध कराया जा रहा है, साथ ही जीएसटी में सब्सिडी, बिजली बिल में छूट और कम दरों पर लोन जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। अक्षत जैन ने बताया कि मुंबई के ज्वेलरी पार्क में पहली रजिस्ट्री पर स्टांप शुल्क में छूट दी जा रही है, ऐसे ही मेरठ में भी सुविधाएं दी जानी चाहिए।

सराफा बाजार को नियमित करने की उठी मांग
बैठक में मेरठ के ऐतिहासिक सराफा बाजार को नियमित करने का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। नरेश माहेश्वरी ने कहा कि मेरठ का सराफा बाजार सैकड़ों वर्षों से अस्तित्व में है, लेकिन मेरठ विकास प्राधिकरण ने इसे अनियमित घोषित कर दिया है। उन्होंने मांग रखी कि सराफा बाजार, नील की गली, कागजी बाजार, कच्ची सराय, बाजार बजाजा, लाला का बाजार, पत्थर वालान, ठठेरवाड़ा, शीश महल आदि क्षेत्रों में स्थित दुकानों और वर्कशॉप को भू-उपयोग परिवर्तन कर नियमित किया जाए।

बैठक में प्रमुख लोग रहे मौजूद
बैठक में मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अभिषेक पांडे, टाउन प्लानर विजय सिंह, राइट्स कंपनी की ओर से आशीष जी, मेरठ जेम्स एंड ज्वेलरी फेडरेशन एवं मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्य राजेंद्र जैन, प्रदीप अग्रवाल, विजयआनन्द अग्रवाल, लोकेश अग्रवाल, अशोक रस्तौगी, मनोज गर्ग, नरेश माहेश्वरी, दीपक जौहरी, अनुज जैन, अक्षत जैन, ऋषभ महेश्वरी, अमित अग्रवाल, मनोज वर्मा सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे।

यह बैठक मेरठ में ज्वेलरी इंडस्ट्री के लिए एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है, जिसमें सरकार, व्यापार संघ और निवेशकों के बीच समन्वय बनाकर इस सेक्टर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है।

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