वरिष्ठ पत्रकारों ने मंडलायुक्त ऋषिकेश भास्कर यशोद से की 21 सूत्रीय वार्ता
PoliticalAdda.com | मेरठ | 11 जून 2025
घंटाघर स्थित मुख्य डाकघर को फिर से वहीं कहीं आसपास शुरू कराए जाने की मांग को सबसे प्रमुख मुद्दा बनाते हुए वरिष्ठ पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को मंडलायुक्त मेरठ ऋषिकेश भास्कर यशोद से मुलाकात की। सुबह 10:30 से 11 बजे तक चली इस वार्ता में केंद्र और जनहित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन समेत कुल 21 बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ पत्रकार रवि कुमार बिश्नोई, पूर्व कार्यवाहक उप निदेशक सूचना सुरेंद्र शर्मा, , अंकित बिश्नोई, नरेंद्र उपाध्याय, राजेश शर्मा, प्रदीप वत्स और डॉ. रविन्द्र राणा शामिल रहे।
मंडलायुक्त ने पत्रकारों के सुझावों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश देने और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित कराने की बात कही।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें:
- घंटाघर डाकघर को फिर से यथास्थान या पास में ही जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तत्काल चालू किया जाए।
- स्थायी पत्रकार समिति की बैठकें मंडल के सभी जिलों में नियमानुसार हर माह आयोजित हों।
- मान्यता प्राप्त पत्रकारों के आयुष्मान कार्ड बनवाने और चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित कराने की ठोस व्यवस्था हो।
- रोडवेज बस अड्डों पर पत्रकारों के लिए अलग काउंटर बनाए जाएं ताकि उन्हें निःशुल्क यात्रा में सुविधा मिल सके।
- प्रेस कॉन्फ्रेंस, पत्रकार वार्ता और स्थलीय निरीक्षण को नियमित रूप से कराया जाए ताकि पत्रकारों को शासन की योजनाओं और गुणवत्ता पर आधारित कार्यों की वास्तविक जानकारी मिल सके।
- फर्जी शिकायत निस्तारण को रोका जाए और दोषी अफसरों को दंडित किया जाए।
- बैनामा कराने वालों के लिए रजिस्ट्री कार्यालयों में मूलभूत सुविधाएं – बैठने की जगह, शुद्ध पेयजल व स्वच्छ हवा – सुनिश्चित हों।
- डिपार्टमेंटल भ्रष्टाचार पर दोषियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक की जाए।
- नाले-नालियों की सफाई के बाद सिल्ट तुरंत हटाई जाए, ताकि वह हवा में उड़कर बीमारियों का कारण न बने।
- अवैध निर्माण, कच्ची कॉलोनियां और सरकारी ज़मीनों पर अतिक्रमण को तत्काल रोका जाए।
- बिजली कनेक्शन की नीतियों का पालन, अवैध कनेक्शन की जांच और जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई हो।
- जेनेरिक दवाओं के प्रचार-प्रसार और अनिवार्यता, जिससे जनता सस्ता इलाज करा सके।
- कुत्ते और बंदर जैसे हिंसक जानवरों के आतंक से निजात दिलाई जाए।
- नौचंदी मेले की पारंपरिक तिथि बहाल हो – उद्घाटन होली के बाद पहले रविवार को, दुकानें कम हों या अधिक।
- फर्जी और बिना लाइसेंस की पानी और आइसक्रीम फैक्ट्रियों की जांच, जिससे दूषित खाद्य पदार्थों से लोगों का बचाव हो सके।
मंडलायुक्त ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
मंडलायुक्त ऋषिकेश भास्कर यशोद ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि जनता के हित और शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया के सकारात्मक सहयोग से शासन और नागरिकों के बीच की दूरी कम होती है।
प्रतिनिधिमंडल की यह बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई, जिसमें अपर आयुक्त अमित सिंह भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री की मंशा के अनुसार पत्रकारों के समय निर्धारण की मोबाइल-आधारित व्यवस्था के लिए प्रतिनिधियों ने मंडलायुक्त का आभार जताया और कहा कि ऐसे संवाद भविष्य में भी जारी रहेंगे।
