बेंगलुरु में CJP का प्रदर्शन, ध्रुव राठी और प्रकाश राज भी पहुंचे; SIR के खिलाफ ‘जनता न्यायालय’ में उठी आवाज

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CJP ने SIR रोकने और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की; 10 अक्टूबर को दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान

मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर देशभर में चल रहे विरोध के बीच Cockroach Janta Party (CJP) ने गुरुवार, 8 अक्टूबर को बेंगलुरु के Freedom Park में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ YouTuber ध्रुव राठी और अभिनेता-कार्यकर्ता प्रकाश राज भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को रोकने की मांग उठाई।

‘जनता न्यायालय’ के रूप में आयोजित हुआ प्रदर्शन

CJP ने बेंगलुरु के कार्यक्रम को ‘जनता न्यायालय’ का नाम दिया। इसमें कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे लोगों, महिलाओं और छात्रों ने SIR के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की शिकायतें सामने रखीं।

प्रदर्शन स्थल पर “Error 404 – Name Not Found”, “Don’t erase us, hear us” और “It’s done bro, resign sir” जैसे पोस्टर दिखाई दिए। प्रदर्शनकारियों ने SIR को लेकर नारे भी लगाए और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की।

ध्रुव राठी ने उठाए चुनाव आयोग की पारदर्शिता पर सवाल

प्रदर्शन में पहुंचे YouTuber ध्रुव राठी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी सरकार को बदलना नहीं है, बल्कि चुनाव आयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल उठाना है।

उनकी मौजूदगी ने बेंगलुरु के प्रदर्शन को खासा ध्यान आकर्षित किया। CJP के इस कार्यक्रम में युवा संगठनों और नागरिक समूहों के प्रतिनिधियों की भी भागीदारी रही।

प्रकाश राज ने SIR वापस लेने की मांग की

अभिनेता और सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर सक्रिय रहने वाले प्रकाश राज ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उन्होंने SIR प्रक्रिया को समाप्त करने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि मामला केवल मतदाता सूची से नाम हटने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे नागरिकों के अधिकार और सम्मान प्रभावित हो रहे हैं।

प्रकाश राज ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उनके ये आरोप प्रदर्शनकारियों के दावे हैं; निर्वाचन आयोग और भाजपा SIR को लेकर विपक्ष तथा प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को खारिज करते रहे हैं।

‘चप्पल प्रदर्शन’ की भी घोषणा

CJP के बेंगलुरु कार्यक्रम में ‘Chappal Protest’ भी चर्चा में रहा। आयोजकों के मुताबिक यह कार्यक्रम SIR से प्रभावित होने का दावा करने वाली महिलाओं के साथ एकजुटता जताने के उद्देश्य से किया गया।

इससे पहले CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने 8 अक्टूबर के कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कहा था कि पहले SIR पर ‘People’s Tribunal’ होगा और उसके बाद ‘Chappal Protest’ आयोजित किया जाएगा।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

CJP ने SIR के खिलाफ अपने अभियान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को प्रमुख मांग बनाया है। संगठन SIR के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर गंभीर सवाल उठा रहा है और चुनाव आयोग से प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की मांग कर रहा है।

CJP के अनुसार उसकी प्रमुख मांगों में ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, SIR से जुड़े फैसलों की स्वतंत्र जांच और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव शामिल हैं।

हालांकि, SIR को लेकर CJP और विपक्षी दलों के आरोपों पर निर्वाचन आयोग का पक्ष अलग है। आयोग ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत बताया है और आरोपों को स्वीकार नहीं किया है।

10 अक्टूबर को दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन

बेंगलुरु का प्रदर्शन CJP के देशव्यापी अभियान का हिस्सा है। संगठन ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का भी ऐलान किया है।

इससे पहले 2 अक्टूबर को मुंबई में CJP के प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। अब बेंगलुरु के बाद संगठन का अगला बड़ा कार्यक्रम दिल्ली में प्रस्तावित है।

राजनीतिक और चुनावी बहस तेज

SIR को लेकर CJP के अलावा INDIA ब्लॉक के दल भी चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। दिल्ली में विपक्षी सांसद लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

ऐसे में बेंगलुरु का CJP प्रदर्शन इस विवाद को राष्ट्रीय स्तर पर युवाओं, नागरिक समूहों और विपक्षी राजनीति के बीच चल रही बड़ी बहस से जोड़ता है। हालांकि, मतदाता सूची में बदलाव और SIR से जुड़े दावों की अंतिम स्थिति को लेकर आधिकारिक चुनावी रिकॉर्ड और निर्वाचन आयोग का पक्ष महत्वपूर्ण रहेगा।

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