मिट्टी, किसान और बागवानी…भारत के भविष्य की जड़ें
मेहर ए आलम ख़ानमुख्य संपादक, नर्सरी टुडे, नई दिल्लीसलाहकार, सिनेइंक पॉडकास्ट्स, लंदन दिसंबर के महीने में दो अवसर हमें चुपचाप उस आधार की याद दिलातेहैं, जिस पर भारत की कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पोषण सुरक्षा टिकेहुए हैं। 5 दिसंबर को विश्व मृदा (मिट्टी) दिवस हमें यह सोचने पर मजबूरकरता है कि जैसा लियोनार्डो दा विंची […]
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