मिट्टी, किसान और बागवानी…भारत के भविष्य की जड़ें

मेहर ए आलम ख़ानमुख्य संपादक, नर्सरी टुडे, नई दिल्लीसलाहकार, सिनेइंक पॉडकास्ट्स, लंदन दिसंबर के महीने में दो अवसर हमें चुपचाप उस आधार की याद दिलातेहैं, जिस पर भारत की कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पोषण सुरक्षा टिकेहुए हैं। 5 दिसंबर को विश्व मृदा (मिट्टी) दिवस हमें यह सोचने पर मजबूरकरता है कि जैसा लियोनार्डो दा विंची […]

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जादू का पंजा है, इसकी कीमत सिर्फ जिंदगी है!

प्रख्‍यात चिंतक और सामाजिक कार्यकर्ता केएन गोविंदाचार्य आज (22 April 2015)  मेरठ में थे। मौका था किसान सम्‍मेलन का। गोविंदाचार्य जी किसानों के मौजूदा संकट पर बडे सवाल उठाए। उनकी बातों को ज्‍यों का त्‍यों लिख पाना तो मेरे लिए संभव नहीं पर जो कुछ उन्‍होंने कहा उसे सबसे साझा करना मुझे आज के दौर […]

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Virendra Verma

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल रहते 1991 में वीरेंद्र वर्मा ने भी उठाई थी चौगामा नहर के लिए आवाज

चौगामा नहर पर Video Report देखने के लिए खबर के अंंत में दिया लिंक खोलना न भूलें। मुजफ्फरनगर, मेरठ और बागपत के हजारों किसानों के लिए जल संकट कोई नई समस्या नहीं है। दशकों से इस क्षेत्र के लोग सिंचाई और भूजल संकट से जूझ रहे हैं। लेकिन इस मुद्दे को गंभीरता से उठाने वालों […]

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