Dinkar and Modi Cultural Comparison

संस्कृति का चौथा बनाम पाँचवाँ अध्याय: मोदी युग में संस्कृति का पुनर्लेखन?”

संस्कृति का पाँचवाँ अध्याय बनाम दिनकर की दृष्टि Report : डॉ. रवींद्र प्रताप राणा जब साहित्य और राजनीति के रास्ते टकराते हैं, तब संस्कृति का विमर्श दो अलग दिशाओं में आगे बढ़ता है — एक ओर दर्शन और विवेक की दिशा, और दूसरी ओर प्रचार और प्रतीकवाद की दिशा। रामधारी सिंह दिनकर की कालजयी कृति […]

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bhagatsingh

मैं नास्तिक क्यों हूं: शहीद भगत सिंह

आज शहीद भगत सिंह का शहादत दिवस है। भगत सिंह केवल बम पिस्तौल वाले क्रांतिकारी नहीं थे।भगत सिंह का लेख “मैं नास्तिक हूँ” उनकी विचारधारा और संघर्ष का प्रतीक है। इस लेख में भगत सिंह ने अपने नास्तिकता के दृष्टिकोण को विस्तार से प्रस्तुत किया था, और उन्होंने धार्मिक विश्वासों के बारे में अपने विचार […]

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स्वामी पूर्ण चंद्र आर्य

स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी: स्वामी पूर्ण चंद्र आर्य

Published By Dr.Ravindra Rana स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अनेक वीरों ने अपने संघर्ष और बलिदान से अमिट छाप छोड़ी है। उन्हीं में से एक नाम स्वामी पूर्ण चंद्र आर्य का है, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपने जीवन को समर्पित कर दिया। उनका जन्म 13 मार्च 1900 को उत्तर प्रदेश के बागपत जिले […]

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