लखनऊ, 3 जून 2025 |
उत्तर प्रदेश सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी फैसला लिया है। अब यूपी पुलिस और प्रांतीय आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी (PAC) की भर्तियों में 20 प्रतिशत सीटें पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित रहेंगी। साथ ही, उन्हें आयु सीमा में विशेष छूट भी दी जाएगी, जिससे उनके लिए राज्य पुलिस में भर्ती की राह पहले से कहीं अधिक सुगम हो जाएगी।
यह निर्णय आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोकभवन, लखनऊ में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। गृह विभाग द्वारा तैयार इस प्रस्ताव को कैबिनेट ने सर्वसम्मति से स्वीकृति दी। बागपत से भाजपा सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा सांगवान ने केंद्रीय गृहराज्य मंत्री नित्यानंद राय से मुलाक़ात की और केंद्र सरकार के महकमों और देश के अन्य राज्यों में में भी यूपी की तरह 20 फ़ीसदी आरक्षण की माँग की है।
फैसले की मुख्य बातें:
- 20% आरक्षण: यूपी पुलिस और PAC में अब प्रत्येक भर्ती में 20 फीसदी सीटें अग्निवीरों के लिए आरक्षित होंगी।
- आयु सीमा में छूट: अग्निवीरों को अधिकतम आयु सीमा में विशेष छूट मिलेगी, जिससे वे सेवा के बाद भी सहजता से आवेदन कर सकें।
- सेवा की मान्यता: सेना, नौसेना और वायुसेना में अग्निपथ योजना के अंतर्गत कार्य कर चुके युवाओं को यह लाभ मिलेगा।
- गृह विभाग का प्रस्ताव: यह पूरा प्रस्ताव गृह विभाग द्वारा तैयार किया गया था, जिसे कैबिनेट ने स्वीकृत कर दिया है।
सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं:
बागपत से भाजपा सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा:
“यह निर्णय न केवल अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित करता है, बल्कि यह योगी सरकार की राष्ट्रसेवकों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता को भी दर्शाता है। इससे सेना में भर्ती होने वाले युवाओं का मनोबल बढ़ेगा।”सांगवान ने कहा, ‘मैंने हाल में केंद्रीय गृहराज्य मंत्री नित्यानंद राय से मुलाक़ात की और केंद्र सरकार के महकमों और देश के अन्य राज्यों में में भी यूपी की तरह 20 फ़ीसदी आरक्षण की माँग की है.’
राजनीतिक संदेश और सामाजिक प्रभाव:
इस फैसले के पीछे केवल प्रशासनिक दृष्टिकोण नहीं है, बल्कि एक राजनीतिक और सामाजिक संदेश भी है। अग्निपथ योजना की शुरुआत केंद्र सरकार ने 2022 में की थी, लेकिन तब से इस पर कई प्रकार की आलोचनाएं होती रही हैं। उत्तर प्रदेश सरकार का यह फैसला न केवल उस योजना को स्थानीय समर्थन और उपयोगिता देता है, बल्कि सेना से लौटे युवाओं के लिए एक सार्थक पुनर्संयोजन की व्यवस्था भी करता है।
युवाओं के लिए उम्मीद की किरण:
इस घोषणा के बाद अब उन हजारों अग्निवीरों को राहत मिली है, जिन्हें भविष्य की अनिश्चितताओं का डर सता रहा था। यह आरक्षण उन्हें सम्मानजनक नागरिक सेवा में आने का अवसर देगा और सुरक्षा बलों में उनके अनुभव का राज्यस्तरीय उपयोग सुनिश्चित करेगा।
