बिजली महंगी करने और निजीकरण के विरोध में 22 जून को लखनऊ में महापंचायत

वेस्ट यूपी

पॉवर कारपोरेशन प्रबन्धन पर हजारों बिजली कर्मियों का स्थानान्तरण कर बिजली व्यवस्था पटरी से उतारने का आरोप : प्रान्त भर में विरोध प्रदर्शन जारी :

Rajesh Sharma / Dr Ravindra Rana

लखनऊ , 17 June 2025:

बिजली के टैरिफ में बेतहाशा वृद्धि से गर्माये महौल में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र ने 22 जून की लखनऊ महापंचायत की तैयारी तेज कर दी है। संघर्ष समिति ने पॉवर कारपोरेशन प्रबन्धन पर आरोप लगाया है कि प्रशासनिक आधार पर हजारों बिजली कर्मियों का स्थानान्तरण कर प्रबन्धन ने भीषण गर्मी में बिजली व्यवस्था पटरी से उतारने का काम किया है। संघर्ष समिति के आह्वान पर आज लगातार 202वें दिन बिजली कर्मियों ने प्रदेश भर में निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन ज…

बिजली के टैरिफ में बेतहाशा वृद्धि से गर्माये महौल में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र ने 22 जून की बिजली महापंचायत की तैयारी तेज कर दी है। संघर्ष समिति ने पॉवर कारपोरेशन प्रबन्धन पर आरोप लगाया है कि प्रशासनिक आधार पर हजारों बिजली कर्मियों का स्थानान्तरण कर प्रबन्धन ने भीषण गर्मी में बिजली व्यवस्था पटरी से उतारने का काम किया है। संघर्ष समिति के आह्वान पर आज लगातार 202 वें दिन बिजली कर्मियों ने प्रदेश भर में निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन जारी रखा।

पॉवर कारपोरेशन प्रबन्धन ने बिजली दरों में बेतहाशा वृद्धि का प्रस्ताव देकर संघर्ष समिति के इस आरोप की पुष्टि कर दी है कि निजीकरण के बाद बिजली दरों में दोगुनी-तीनगुनी वृद्धि होगी।

संघर्ष समिति ने कहा कि घाटे के भ्रामक आकड़े देकर पॉवर कारपोरेशेन ने निजीकरण के बाद आने वाले निजी घरानों की मदद के लिए बिजली दरों में बेतहाशा वृद्धि का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने कहा कि 44 हजार करोड़ रूपये आरडीएसएस योजना में खर्च करने के बाद पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ कर कौड़ियों के मोल निजी घरानों को बेचने की साजिश है। निजी घरानों को मुनाफा दिलाने के लिए ही बिजली दरों में 45 प्रतिशत तक वृद्धि का प्रस्ताव दिया गया है।

संघर्ष समिति ने कहा कि पॉवर कारपरिंशन प्रबन्धन द्वारा कई हजार बिजली कर्मियों का प्रदेश के एक कोने से दूसरे कोने में स्थानान्तरण किये जाने से बिजली कर्मियों में व्यापक असंतोष व्याप्त हो गया है। संघर्ष समिति ने बताया कि लगभग 1500 से अधिक अभियन्ता ट्रांसफर किये गये हैं। लगभग इतने ही जूनियर इंजीनियर ट्रांसफर किये गये हैं। तृतीय श्रेणी के छोटे कर्मचारियों का हजारों की संख्या में दूर दराज के स्थानों पर ट्रांसफर कर दिया गया है। पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन ने आज वीडिया कॉफ्रेंसिंग के जरिये फरमान सुनाया है कि सभी स्थानान्तरित कर्मचारियों एवं अधिकारियों को आज ही बिना प्रतिस्थानी के कार्यमुक्त कर दिया जाये। संघर्ष समिति ने कहा कि पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन के द्वारा इतने बड़े पैमान पर स्थानान्तरण करने और तत्काल कार्यमुक्त करने से इस भीषण गमी में बिजली व्यवस्था पटरी से उतर जाने की पूरी सम्भावना है। उन्होंने कहा कि जहां बिजली कर्मी विगत 7 महीनों से आन्दोलन करते हुए भी बिजली व्यवस्था को सामान्य बनाये हुए थे वहीं पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन के इस कदम से बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो सकती है!

निजीकरण के विरोध में लगातार 202 वें दिन प्रदेश भर में बिजली कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन जारी रखा। आज वाराणसी, आगरा, मेरठ, कानपुर, गोरखपुर, मिर्जापुर, आजमगढ़, बस्ती, अलीगढ़, मथुरा, एटा, झांसी, बांदा, बरेली, देवीपाटन, अयोध्या, सुल्तानपुर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, नोएडा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, हरदुआगंज, जवाहरपुर, परीक्षा, पनकी, ओबरा, पिपरी और अनपरा में विरोध प्रदर्शन किया गया।

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