तान्या मोटर्स के अवैध निर्माण पर मेरठ विकास प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई

Meerut Adda

तीनों संस्थानों के विरुद्ध चालान, अग्रिम विधिक कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश

मेरठ नगर के प्रमुख क्षेत्र बच्चा पार्क में स्थित तान्या मोटर्स के विरुद्ध चल रहे अवैध निर्माण के प्रकरण में आज मेरठ विकास प्राधिकरण (एम.डी.ए.) द्वारा महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई। प्राधिकरण के अवर अभियंता जितेन्द्र सिंह व उनकी टीम ने मौके पर पहुंचकर तान्या मोटर्स, तान्या ऑटोमोबाइल्स तथा तान्या सर्विस सेंटर — तीनों के विरुद्ध चालान किया और अग्रिम विधिक कार्रवाई हेतु स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए।

यह कार्रवाई उस शिकायत के पश्चात की गई है जो मेरठ के अधिवक्ता राम कुमार शर्मा द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से व्यक्तिगत भेंट के दौरान प्रस्तुत की गई थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए लखनऊ से संज्ञान लिया गया, जिसके बाद मेरठ प्रशासन हरकत में आया।

शिकायत के मुख्य बिंदु निम्नलिखित थे:

  • विवेक गर्ग व हर्ष गर्ग द्वारा आवासीय क्षेत्र में वाणिज्यिक निर्माण कर, तीन भिन्न नामों से प्राधिकरण को गुमराह कर नक्शे पास कराए गए।
  • दूसरी बिल्डिंग की सेटबैक भूमि पर अतिक्रमण कर लोहे के पाइप व एंगल पर तीन मंज़िला अवैध निर्माण किया गया, जिससे पड़ोसी भवनों में दरारें आ गईं और हवा-पानी के मार्ग अवरुद्ध हो गए।
  • पार्किंग हेतु स्वीकृत बेसमेंट को वर्कशॉप में बदलकर ध्वनि व जल प्रदूषण फैलाया गया।
  • अवैध वर्कशॉप से प्रदूषित जल को भूमिगत छोड़ा गया, जिससे पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुँची।

प्रेस को जानकारी देते हुए श्री राम कुमार शर्मा ने बताया कि वे आज स्वयं प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, सचिव एवं प्रवर्तन अधिकारी श्री अर्पित यादव से मिले, जिन्होंने उन्हें त्वरित एवं सख्त कार्रवाई का पूर्ण आश्वासन दिया।

इस कार्रवाई के बाद मेरठ विकास प्राधिकरण में हलचल तेज हो गई है तथा अन्य अवैध निर्माणों के विरुद्ध भी प्रशासनिक सख्ती की संभावना प्रबल हो गई है।


विधिक संदर्भ व आदेश:

  1. उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा 15 एवं 27 के अंतर्गत बिना स्वीकृति के उपयोग परिवर्तन व निर्माण निषिद्ध है।
  2. माननीय उच्चतम न्यायालय [M.C. Mehta बनाम भारत संघ, (2004) 6 SCC 588] के अनुसार, आवासीय क्षेत्रों में व्यवसायिक गतिविधियां प्रतिबंधित हैं।
  3. राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के आदेशानुसार, भूमिगत जल को प्रदूषित करना दंडनीय अपराध है।
  4. उत्तर प्रदेश शासन के आदेश दिनांक 21.02.2024 एवं 04.05.2025 के अनुसार, बिना अनुमति आवासीय भवनों को व्यवसायिक रूप में परिवर्तित करना पूर्णतः वर्जित है।
Please follow and like us:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *