विद्युत विभाग में तबादलों पर लेन-देन का आरोप: सीबीआई जांच की मांग, 19 जून से पूर्वांचल में अनिश्चितकालीन सत्याग्रह

वेस्ट यूपी

लखनऊ/वाराणसी, 18 जून 2025:
उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) में तबादलों को लेकर मचे घमासान ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने आरोप लगाया है कि हाल में हुए सैकड़ों तबादलों में बड़े पैमाने पर पैसों का लेन-देन हुआ है। समिति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच कराई जाए, ताकि सत्य सामने आ सके।

संघर्ष समिति ने घोषणा की है कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम मुख्यालय, वाराणसी में 19 जून से बिजली कर्मचारी अनिश्चितकालीन सत्याग्रह पर बैठेंगे। समिति का आरोप है कि पूर्वांचल डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक द्वारा नीति के विरुद्ध और उत्पीड़न की मंशा से तबादला आदेश जारी किए गए हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य निजीकरण को आगे बढ़ाना है।

तबादलों में हजारों कर्मचारी प्रभावित

संघर्ष समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने बताया कि पावर कॉर्पोरेशन में लगभग 1500 अभियंताओं, इतने ही जूनियर इंजीनियरों और कई हजार छोटे कर्मचारियों का तबादला किया गया है। इनमें से अधिकांश तबादले बिना किसी नीति या न्यायसंगत आधार के किए गए हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि महिला कर्मचारियों को भी सुदूर स्थानों पर भेजा गया है, जिससे उनके पारिवारिक और सामाजिक जीवन पर प्रतिकूल असर पड़ा है।

ऊर्जा मंत्री और एमडी का ऑडियो वायरल

संघर्ष समिति ने कहा कि ऊर्जा मंत्री और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी के बीच एक ऑडियो क्लिप वायरल हुई है, जिसमें तबादलों में लेन-देन की बात सामने आती है। समिति ने आरोप लगाया कि इस ऑडियो ने बिजली कर्मचारियों के भीतर गुस्से को और भड़का दिया है और यह मामले की सीबीआई जांच को अपरिहार्य बनाता है

सुप्रीम कोर्ट की कमेटी का उल्लंघन?

संघर्ष समिति ने यह भी याद दिलाया कि पूर्व में सर्वोच्च न्यायालय ने भी पावर कारपोरेशन में तबादलों के मामले में हस्तक्षेप किया था और तब से सभी तबादलों को हाई पावर कमेटी के समक्ष प्रस्तुत करना आवश्यक कर दिया गया है। ऐसे में मौजूदा प्रबंधन द्वारा किए गए तबादले न केवल नीति विरुद्ध हैं, बल्कि न्यायालय के निर्देशों की भी अवहेलना करते हैं।

प्रदेशभर में व्यापक विरोध

संघर्ष समिति के आह्वान पर आज प्रदेश के 203 जिलों में बिजली कर्मियों ने प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख जिले:
वाराणसी, आगरा, मेरठ, कानपुर, गोरखपुर, मिर्जापुर, आजमगढ़, बस्ती, अलीगढ़, मथुरा, एटा, झांसी, बांदा, बरेली, देवीपाटन, अयोध्या, सुल्तानपुर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, नोएडा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, हरदुआगंज, जवाहरपुर, परीक्षा, पनकी, ओबरा, पिपरी और अनपरा आदि।

संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि उत्पीड़न के दृष्टिकोण से किए गए तबादला आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त नहीं किए गए, तो संघर्ष और व्यापक होगा, और इसकी पूरी जिम्मेदारी पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक पर होगी।

मुख्यमंत्री की “जीरो टॉलरेंस नीति” पर सवाल

संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि पावर कॉर्पोरेशन में तबादले एक उद्योग बन चुके हैं, जिससे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति की खुलकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं

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