आज दिनांक 03 जुलाई 2025 को ज़िला कांग्रेस कमेटी, मेरठ के कार्यकर्ताओं व वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने जिला अध्यक्ष गौरव भाटी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा 5000 सरकारी स्कूलों को मर्ज/बंद किए जाने के निर्णय के खिलाफ ज़ोरदार प्रदर्शन किया और इस निर्णय की वापसी की मांग करते हुए उत्तर प्रदेश के राज्यपाल के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा।
जिला अध्यक्ष गौरव भाटी ने इस मौके पर कहा कि “योगी सरकार छात्रों, युवाओं और बेरोजगारों के प्रति पूरी तरह से संवेदनहीन हो चुकी है। पांच हज़ार से अधिक प्राइमरी और जूनियर स्कूलों को बंद करने का निर्णय बच्चों को शिक्षा से वंचित करने वाला है। ग्रामीण बच्चों को अब दूसरे गांवों में पढ़ने जाना पड़ेगा, जिससे शिक्षा की पहुंच और गुणवत्ता दोनों प्रभावित होंगी। यह फैसला पूरी तरह छात्र, युवा और ग्रामीण विरोधी है और सरकार के निजीकरण एजेंडे को दर्शाता है।”

ज़िला प्रवक्ता सय्यद आमिर रज़ा ने सरकार के इस निर्णय को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “मुख्यमंत्री को तत्काल इस जनविरोधी निर्णय को वापस लेना चाहिए। यह फैसला गरीबों, मजदूरों और मध्यम वर्ग के बच्चों को शिक्षा से वंचित करने की साजिश है। सरकार अगर स्कूलों पर बुलडोज़र चलाएगी तो बच्चों का भविष्य कहां सुरक्षित रहेगा?”
इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल रहे। प्रमुख रूप से उपस्थित रहे:

विशाल वशिष्ठ (ज़िला कोऑर्डिनेटर), नसीम कुरैशी, शबी खान, मायाप्रकाश शर्मा, यशपाल चौधरी, सुनीता मंडल, योगी जाटव, रियाज़उल्ला खान, नसीम सैफी, अरुण कौशिक, सय्यद रेहानुद्दीन, कामेश रतन, राकेश कुशवाहा, ज़ुबैर कुरैशी, अफसा, तरुण शर्मा, नासिर त्यागी, अवनीश पवार, गुलज़ार चौहान, विजय चिकारा, हरिओम त्यागी, सुरेंद्र यादव, नवीन गुर्जर, जितेंद्र कुमार, शिवा सैनी, उमरदराज़, विजय त्यागी, इरशाद पहलवान, राकेश शर्मा, मतीन रज़ी, अज़हर खान, इरशाद सैफी आदि।
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने इस निर्णय को शीघ्र वापस नहीं लिया, तो पार्टी व्यापक जनआंदोलन चलाने के लिए बाध्य होगी।
