
“खतौनी में गड़बड़ी से किसान बेहाल, तहसील के चक्कर काटने को मजबूर!”
“बाढ़ से हर साल बर्बाद हो रही हजारों बीघा जमीन, अब तक नहीं मिला मुआवजा!”
“आवारा पशुओं और सांडों से किसानों की जान को खतरा, प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग!”
किसान विचार मंच के प्रदेश संयोजक मानवेन्द्र वर्मा के नेतृत्व में किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मेरठ जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जनपद के किसानों की विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो किसानों की कठिनाइयाँ बढ़ती जाएँगी।
किसानों की प्रमुख समस्याएँ:
- खतौनी में गड़बड़ी से किसान परेशान: मेरठ जनपद की सभी तहसीलों में किसानों की जमीन के हिस्से खतौनी में गलत दर्ज कर दिए गए हैं। इससे किसान तहसीलों के चक्कर काटने को मजबूर हैं और कर्मचारियों द्वारा उन्हें गुमराह किया जा रहा है। मंच ने खतौनी दुरुस्तीकरण की मांग की है ताकि किसानों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सके।
- ग्राम समाज में अवैध रूप से चढ़ाई गई जमीन: किसानों का आरोप है कि मेरठ जनपद के गांवों की आबादी की जमीन को बिना मजिस्ट्रेट के आदेश के ही ग्राम समाज में जोड़ दिया गया है। इससे किसानों को अपनी जमीन के अधिकारों से वंचित होना पड़ रहा है। किसान विचार मंच ने इस गड़बड़ी को ठीक करने की मांग की है।
- बाढ़ से हर साल हजारों बीघा जमीन नष्ट: विशेष रूप से मवाना तहसील के हस्तिनापुर क्षेत्र में हर साल हजारों बीघा जमीन बाढ़ में नष्ट हो जाती है। अब तक किसानों को इसका कोई मुआवजा नहीं मिला है। मंच ने प्रशासन से बाढ़ से बचाव के उपाय करने और किसानों को मुआवजा दिलाने की माँग की है। साथ ही, हस्तिनापुर व बिजनौर के पुल में छह और पुलियों के निर्माण की आवश्यकता बताई गई है ताकि जलनिकासी की उचित व्यवस्था हो सके।
- आवारा पशुओं से फसल और जान का खतरा: किसानों ने अपनी फसलों को आवारा पशुओं से बचाने की माँग की है। इन पशुओं के कारण खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो रही हैं। इसके अलावा, नरभक्षी सांडों के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन से सुरक्षा उपाय करने की माँग की गई है।
- मेरठ-बिजनौर हाईवे पर हादसों की बाढ़: मेरठ-बिजनौर नेशनल हाईवे पर आवारा पशुओं के कारण सड़क दुर्घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं, जिससे कई लोगों की मौत हो चुकी है। मंच ने मांग की है कि हाईवे पर उचित रोशनी की व्यवस्था की जाए ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग
किसान विचार मंच के संयोजक मानवेन्द्र वर्मा ने कहा कि यदि प्रशासन जल्द से जल्द इन समस्याओं का समाधान नहीं करता है, तो किसान आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि वे इन मुद्दों को प्राथमिकता दें और किसानों को राहत पहुँचाएँ।
यह ज्ञापन किसानों की जमीनी हकीकत को दर्शाता है और उनकी रोजमर्रा की समस्याओं को उजागर करता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन समस्याओं पर कितनी जल्दी संज्ञान लेता है और समाधान की दिशा में क्या कदम उठाता है।
आईएएस डॉ. वीके सिंह को मेरठ में बतौर जिलाधिकारी तैनानी मिलने पर गुलदस्ता भेंट करते किसान विचार मंच के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी मानवेंद्र वर्मा एवं अन्य किसान नेता।
