मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेस कांफ्रेंस देखने के लिए अंत में दिए लिंक पर जाएं।
मेरठ | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ कमिश्नरी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शहर के विकास को लेकर कई अहम घोषणाएँ कीं। उन्होंने कहा कि मेरठ यूपी का प्रमुख महानगर है और पिछले 10 वर्षों में इसकी कनेक्टिविटी में जबरदस्त सुधार हुआ है।
सीएम योगी ने बताया कि मेरठ से प्रयागराज एक्सप्रेसवे का निर्माण अंतिम चरण में है और गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक एक्सटेंड करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, देश की पहली रैपिड रेल मेरठ के लिए एक मील का पत्थर साबित हो रही है।
खेल विश्वविद्यालय और बुनियादी ढांचे पर फोकस
सीएम योगी ने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर बनाए जा रहे खेल विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया और कहा कि यह खेल प्रतिभाओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अधिकारियों के साथ बैठक के बाद उन्होंने जानकारी दी कि नवंबर 2025 तक विश्वविद्यालय का कैंपस बनकर तैयार होने की संभावना है।
इसके अलावा, महाकुंभ की सफलता के बाद प्रयागराज मॉडल को मेरठ में भी लागू करने की योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री ने इनर रिंग रोड, ट्रैफिक, वेंडिंग जोन और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट जैसी समस्याओं पर जनप्रतिनिधियों के साथ गहन मंथन किया।
युवा उद्यमियों को मिलेगा समर्थन
युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए मुख्यमंत्री ने बताया कि 1070 युवा उद्यमियों को ऋण वितरित किया गया है। 31 मार्च तक 1 लाख युवाओं को ऋण देने का लक्ष्य था, लेकिन अब तक 2 लाख 67 हजार से ज्यादा आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
“होली पूर्व उपहार देने आया था”—सीएम योगी
सीएम योगी ने कहा कि वे मेरठवासियों को होली से पहले उपहार देने आए थे। उन्होंने मेरठ में नए विकास कार्यों को गति देने का संकल्प लिया और शहर के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ में युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 1070 युवाओं को ₹48 करोड़ के ऋण वितरण कार्यक्रम में किया भागीदारी, सरकार ने युवाओं के लिए प्रगति के रास्ते खोलने का किया वादा
मेरठ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को मेरठ एवं सहारनपुर मंडल के 1070 युवाओं को ₹48 करोड़ के ऋण वितरण कार्यक्रम में शिरकत की। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवाओं के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ‘सीएम युवा उद्यमी स्कीम’ की सफलता के बारे में बात करते हुए कहा कि इस योजना के तहत अब तक 2 लाख 67 हजार से अधिक युवाओं ने आवेदन किया है, और इनमें से 25 हजार से अधिक आवेदनों को मंजूरी मिल चुकी है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण दिया जा रहा है, और यह योजना विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिलाओं के लिए लाभकारी है।
सीएम योगी ने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्टार्टअप इंडिया’ और ‘स्टैंडअप इंडिया’ के विजन को साकार करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार के प्रयासों की जानकारी दी और यह भी कहा कि पश्चिमी यूपी को विकास में पीछे नहीं रहने दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश को यूपी में जमीन पर उतारा गया है, जिससे 7 लाख युवाओं को रोजगार मिला है। इसके अलावा, 7.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम से पहले युवाओं द्वारा लगाए गए स्टॉल का अवलोकन किया, जिसमें मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, सहारनपुर और शामली के युवाओं ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा, “युवाओं के लिए चुनौती तब चुनौती नहीं रहती, जब सरकार उनके साथ खड़ी हो।”
सीएम योगी ने कार्यक्रम के अंत में यह भी घोषणा की कि मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का निर्माण कार्य अक्टूबर-नवंबर तक पूरा हो जाएगा और इसे राष्ट्र को समर्पित कर दिया जाएगा। यह विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय मानकों पर तैयार हो रहा है और ओलंपिक और कॉमनवेल्थ खेलों के लिए बेहतरीन खिलाड़ी तैयार करेगा।
इस अवसर पर मंत्री राकेश सचान, सोमेन्द्र तोमर, दिनेश खटीक, सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेयी, और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।















