


उत्तर प्रदेश में भाजपा संगठन के चुनाव एक दशक बाद हो रहे हैं, लेकिन सत्ता में होने के कारण पार्टी में आंतरिक खींचतान अपने चरम पर है। इसका नतीजा यह है कि उत्तर प्रदेश भाजपा मुख्यालय से दो बार सूची दिल्ली हाईकमान को भेजनी पड़ी। तमाम कोशिशों के बावजूद 12 मार्च 2025 को 98 जिलों और महानगरों के अध्यक्षों की सूची को अंतिम रूप दिया गया।
पश्चिम यूपी के चार जिलों में पेंच फंसा, 16 मार्च को घोषित नहीं होंगे नाम
13 मार्च को लखनऊ भाजपा मुख्यालय में भाजपा चुनाव अधिकारी और पूर्व मंत्री महेंद्र नाथ पांडे, प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह की बैठक के बाद सूची को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया पूरी की गई। लेकिन संगठन में विद्रोह की आशंका को देखते हुए भाजपा ने इस बार एक नई रणनीति अपनाई है।
भाजपा इस बार लखनऊ मुख्यालय से सार्वजनिक रूप से सूची जारी नहीं करेगी। इसके बजाय, 16 मार्च को दोपहर 1:00 बजे सभी जिलों में भाजपा की बैठक रखी गई है। इन बैठकों में नियुक्त प्रभारी मंत्रियों को व्हाट्सएप के जरिए संबंधित जिले के अध्यक्षों के नाम भेजे जाएंगे और वहीं पर घोषणा होगी। हालांकि, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, सहारनपुर, शामली और हापुड़ के जिलाध्यक्षों की घोषणा फिलहाल रोक दी गई है।
मेरठ में त्रिकोणीय मुकाबले में उलझा मामला
मेरठ में 10 जनवरी को 67 भाजपा नेताओं ने जिला अध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया था। लेकिन भाजपा में आंतरिक गुटबाजी के चलते यह मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।
इन तीन नामों पर है खींचतान:
- शिवकुमार राणा (वर्तमान जिला अध्यक्ष) – संघ के वरिष्ठ नेता शिव प्रकाश सिंह के करीबी माने जाते हैं।
- अजीत चौधरी (पूर्व महामंत्री) – स्थानीय संगठन में मजबूत पकड़ रखते हैं।
- हरबीर पाल (ओबीसी वर्ग के क्षेत्रीय अध्यक्ष) – ओबीसी समुदाय में गहरी पकड़ है, जिससे उन्हें मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
तीनों नेताओं के समर्थक अपनी-अपनी दावेदारी को मजबूत करने में जुटे हुए हैं, जिससे यह मामला और उलझ गया है।
सहारनपुर, शामली और हापुड़ में भी अंदरूनी संघर्ष
1. सहारनपुर: वर्तमान जिला अध्यक्ष महेंद्र सैनी की नजदीकी डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से बताई जाती है। लेकिन संगठन में इस पर सहमति नहीं बन पाई है, जिससे मामला अटक गया है।
2. शामली: जिला अध्यक्ष तेजेंद्र निर्वाण प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी के करीबी माने जाते हैं, लेकिन जिले में गुटबाजी इतनी ज्यादा है कि भाजपा हाईकमान फिलहाल कोई फैसला नहीं ले पा रहा है।
3. हापुड़: वर्तमान अध्यक्ष नरेश तोमर की नजदीकी क्षेत्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिसोदिया से मानी जाती है, लेकिन यहां भी अंदरूनी विरोध के कारण मामला फंसा हुआ है।
भाजपा की नई रणनीति: व्हाट्सएप के जरिए होगी घोषणा
इस बार भाजपा ने एक नया प्रयोग किया है। आमतौर पर भाजपा प्रदेश मुख्यालय या दिल्ली हाईकमान से अध्यक्षों की घोषणा होती थी, लेकिन इस बार 16 मार्च को सभी जिलों में प्रभारी मंत्रियों के व्हाट्सएप पर संबंधित जिलाध्यक्षों के नाम भेजे जाएंगे और वहीं पर सार्वजनिक घोषणा होगी।
25 का रिजल्ट होल्ड
यूपी में कुल 75 जिले हैं. इनमे भाजपा 95 जिला-महानगर अध्यक्ष बनाती है. 16 मार्च को प्रदेश के 95 जिला- महानगर अध्यक्ष घोषित होने थे, लेकिन अब सिर्फ 70 नामों की घोषणा होगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के चार जिलों समेत कुल 25 पदों के नतीजे नाम होल्ड पर रखे गए हैं।
मेरठ में अब तक रहे जिला अध्यक्ष
मेरठ भाजपा में जिला अध्यक्ष की कुर्सी हमेशा अहम रही है। अब तक यह पद संभालने वाले कुछ प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:
- राजपाल सिंह
- ठाकुर विजयपाल सिंह तोमर
- नैन सिंह तोमर
- विजयपाल तोमर
- अशोक त्यागी
- रविंद्र भडाना
- विमल शर्मा
- अनुज राठी
- शिवकुमार राणा
अब देखना यह होगा कि भाजपा पश्चिम यूपी में गुटबाजी को कैसे संभालती है और कब तक होल्ड पर लिए गए जिलों के जिला अध्यक्षों की घोषणा होती है।
