चौधरी अजित सिंह की पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि
मेरठ/बागपत।
भारतीय राजनीति में किसानों की आवाज रहे चौधरी अजित सिंह की चौथी पुण्यतिथि (6 मई) की पूर्व संध्या पर सोमवार को छपरौली से पांच बार विधायक रहे चौधरी नरेंद्र सिंह एडवोकेट के आदर्श नगर, मेरठ स्थित आवास पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सभा में उपस्थित लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके विचारों, सादगी और किसान-हितैषी कार्यों को याद किया।
पूर्व विधायक चौ. नरेंद्र सिंह एडवोकेट ने कहा:

“जो शख्स दिल में हमारे घर कर गया,
मरकर भी जीवन को जो अमर कर गया।
भुलाई न जाएगी शख़्सियत जिनकी,
यादें जहान में हमेशा रहेंगी उनकी।”
पूर्व विधायक ने कहा कि चौधरी अजीत सिंह न केवल एक वरिष्ठ राजनेता थे, बल्कि किसानों के लिए समर्पित एक सच्चे जननायक भी थे। सरलता, निर्भीकता, विद्वत्ता और विनम्रता उनके व्यक्तित्व की विशेष पहचान थी। भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की विरासत को उन्होंने न सिर्फ संभाला, बल्कि उसे आगे बढ़ाया।
अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने चार बार केंद्रीय मंत्री के रूप में काम करते हुए किसान हित में कई ऐतिहासिक फैसले लिए। भूमि अधिग्रहण बिल का विरोध, चीनी मिलों की स्थापना, जाट समुदाय को आरक्षण, उत्तर प्रदेश के पुनर्गठन की मांग, लखनऊ एयरपोर्ट का नामकरण—हर कदम किसानों और ग्रामीण भारत के कल्याण के लिए था।

चौधरी साहब ने कभी प्रचार या टीआरपी की राजनीति नहीं की, बल्कि धरातल पर रहकर किसान, गरीब और वंचितों की आवाज को संसद तक पहुंचाया। उनकी सोच, विचार और जीवनशैली आज भी प्रेरणास्रोत हैं। चौधरी नरेंद्र सिंह एडवोकेट की अध्यक्षता में हुई इस सभा में डॉ. वीरोत्तम तोमर, डॉ. प्रज्ञान चौधरी, डॉ यशपाल सिंह एस.पी.एस. चौहान डॉ. रविंद्र राणा, और बागपत क्षेत्र के कई प्रबुद्ध जनों ने भाग लिया।
