बागपत (उत्तर प्रदेश) — बागपत जिले के बूढ़पुर गांव में दूषित पानी, गंभीर बीमारियों और चीनी मिल से फैलते प्रदूषण की समस्या को PoliticalAdda.comऔर हमारे यूट्यूब चैनल Save India News, Dr. Ravindra Rana, Ground Zero Politics पर लगातार उठाया गया। गांव में कैंसर, जोड़ों के दर्द, फेफड़ों की बीमारियों और त्वचा रोगों की बढ़ती संख्या ने इलाके को संकट में डाल दिया था।
हमारी रिपोर्टिंग और जनआवाज के परिणामस्वरूप जलशक्ति राज्य मंत्री दिनेश खटीक ने 20 june 2025 गांव का दौरा किया और रमाला स्थित गेस्ट हाउस में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई।
मुख्य घटनाक्रम:
गांव की 30 साल पुरानी पानी की टंकी, जो जल जीवन मिशन के तहत बनी, आज तक चालू नहीं हो पाई है।
रमाला चीनी मिल का गंदा पानी सीधे खेतों और जल स्रोतों में मिल रहा है, जिससे गांव के निवासी गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
प्रदूषण इतना अधिक है कि घरों के बाहर कपड़े सुखाना तक मुश्किल हो गया है। राख और धूल से फसलें भी बर्बाद हो रही हैं।
राज्य मंत्री दिनेश खटीक ने मौके पर मौजूद सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों, जैसे जल विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, और चीनी मिल के अधिकारियों से तीखे सवाल किए। उन्होंने चीनी मिल प्रबंधन से पूछा कि क्या उनका ETP (Effluent Treatment Plant) चालू है या नहीं। जवाब आने पर मंत्री ने दो टूक कहा:
“सरकार पैसा खर्च कर रही है लेकिन ज़मीनी काम नहीं हो रहा। अब जवाबदेही तय होगी और कार्रवाई होगी।”
बागपत के बूढ़पुर में सरकार, मंत्री दिनेश खटीक ने 30 साल के मर्ज का 3 घंटे में किया ऑपरेशन!
ग्रामीणों की पीड़ा:
गांव के लोगों ने खुलकर अपनी बातें रखीं। एक ग्रामीण प्रतिनिधि ने कहा:
“हमने कई बार जीएम, डीएम और सांसद तक से शिकायत की। सोशल मीडिया और आपकी रिपोर्टिंग के ज़रिए बात ऊपर तक पहुँची। पहली बार कोई मंत्री सुनने आया है।”
“हमारे गांव में कैंसर और स्किन डिजीज आम हो गई है। जब चीनी मिल चलती है, तो राख और छाई की परत हर जगह जम जाती है। खेत बर्बाद हो जाते हैं, कपड़े बाहर सुखाना मुमकिन नहीं रहता।”
मंत्री का आश्वासन:
दिनेश खटीक ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि:
अब हर विभाग की मॉनिटरिंग खुद करेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर इस पूरे इलाके के लिए विशेष योजना बनवाएंगे।
भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बूढ़पुर और आसपास के इलाकों की जल, पर्यावरण और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जाएगा।
राजनीतिक और प्रशासनिक सहभागिता:
इस बैठक में क्षेत्रीय विधायक डॉ. अजय कुमार, जिला प्रशासन के अधिकारी, और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
गांव के प्रधान सचिन तोमर और अन्य ग्रामीणों ने भी खुलकर अपनी बात रखी।
बूढ़पुर गांव की गंभीर समस्याओं पर PoliticalAdda.com ने आवाज़ उठाई, जिसे शासन ने गंभीरता से लिया। मंत्री का दौरा, अधिकारियों की जवाबदेही और ग्रामीणों की मुखरता ने दिखा दिया कि जब पत्रकारिता ज़मीन से जुड़ी होती है, तो परिवर्तन संभव है। अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि वादों को कितना ज़मीन पर उतारा जाता है।