जलशक्ति राज्य मंत्री दिनेश खटीक करेंगे पानी की टंकी का उद्घाटन
रमाला मिल को चेतावनी, गांव में पंचायत भी तय
Dr. Ravindra Rana/ Rajesh Sharma | बूढ़पुर (बागपत), 26 जून | PoliticalAdda.com रिपोर्ट
बागपत ज़िले के बूढ़पुर गांव में 26 जून की दोपहर एक ऐसा पल आने वाला है, जिसे गांववाले सालों तक याद रखेंगे। यह महज़ सरकारी दौरा नहीं, बल्कि गांव की सिसकियों का जवाब है, वर्षों की उपेक्षा के बाद उभरी सुनवाई है। एक ऐसा दिन जब ज़हरीले नाले में उम्मीदों की धार बहेगी, और तीन दशक बाद गांव की प्यास बुझाने को टंकी से पानी निकलेगा।
जब जहर बहता था, तब हम बोले
PoliticalAdda.com ने सबसे पहले बताया था कि रामाला चीनी मिल से बहता जहरीला पानी गांव के बीचोंबीच कांधला ड्रेन से होकर निकलता है, जिससे यहां के भूजल में ज़हर घुला और लोगों की असमय मौतें हुईं। गांव में 50 से 55 साल के 12 लोगों की मौतें, गले का कैंसर, फेफड़े खराब, हड्डियों के गलने जैसे मामले सामने आए।
गांव की पीड़ा को सिर्फ खबर नहीं, अभियान बनाया गया — सेव इंडिया न्यूज़, डॉ. रविंद्र राणा यूट्यूब चैनल, Ground Zero Report और उदयवाणी जैसे मंचों ने इस पर सिलसिलेवार रिपोर्टिंग की। परिणामस्वरूप, अब सिस्टम हिला है।

आज मंत्री दौरे पर — पहले रमाला मिल, फिर गांव में पंचायत
26 जून को दोपहर साढ़े तीन बजे, जलशक्ति राज्य मंत्री डॉ. दिनेश खटीक पहले रमाला चीनी मिल के गेस्ट हाउस में GM और अधिकारियों को तलब करेंगे। सूत्रों के मुताबिक मंत्री उन्हें स्पष्ट चेतावनी देंगे:
“अब अगर ड्रेन में ज़हर डाला गया तो कार्रवाई तय है।”
इसके बाद मंत्री किसानों के काफिले के साथ बूढ़पुर गांव पहुंचेंगे, जहां वे तीस साल से बंद पड़ी पानी की टंकी से जल आपूर्ति की औपचारिक शुरुआत करेंगे। यह वो टंकी है जिसकी सुध लेने वाला कोई नहीं था — अब वह चलने जा रही है।

मंत्री करेंगे नाले का निरीक्षण, सुनेंगे गांववालों की बात
गांव में मंत्री कांधला ड्रेन का जायज़ा लेंगे, जिसे पक्का बनाने के आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं। वहीं गांव की जनपंचायत में मंत्री ग्रामीणों की समस्याएं खुद सुनेंगे। यह दौरा केवल निरीक्षण नहीं — यह एक सरकारी संकल्प की सार्वजनिक परीक्षा है।
प्रदूषण पर सख्त कार्रवाई की तैयारी
मंत्री दिनेश खटीक सबसे पहले दोपहर 3 बजे रमाला शुगर मिल पहुंचेंगे। वहां स्थानीय ग्रामीणों की वर्षों पुरानी शिकायतों—मिल से निकलने वाले जहरीले अपशिष्ट, खेतों में जलभराव और पीने के पानी के ज़हरीले होने—पर समीक्षा बैठक होगी। इसके बाद वह चीनी मिल का निरीक्षण करेंगे और अधिकारियों से प्लांट की तकनीकी व्यवस्था और अपशिष्ट प्रबंधन की जानकारी लेंगे।

Political Adda की रिपोर्टिंग का असर
यह वो गांव है, जहाँ लोग कहते थे — “कोई हमारी सुनता नहीं।”
अब ग्राम प्रधान सचिन तोमर कहते हैं:
“लंबे अरसे बाद लग रहा है कि कोई हमारी फिक्र कर रहा है।”
चौधरी सुधीर कुमार और मास्टर मनोज जैसे स्थानीय लोग जिन्होंने हमें गांव की हकीकत दिखाई, अब आशान्वित हैं!
छपरौली विधायक डॉ. अजय कुमार ने गांव के हालात को गंभीर मानते हुए जलशक्ति मंत्री को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी।
वहीं, पूर्व मंत्री डॉ. कुलदीप उज्ज्वल ने CMO से बात कर स्वास्थ्य कैंप लगवाया, जहाँ ग्रामीणों की जांच और प्राथमिक उपचार हुआ।
अब नाला पक्का, टंकी चालू — गांव बोले, राहत आई

20 जून को ही मंत्री ने ड्रेन को पक्का करने, रेगुलेटर स्केप चैनल की मरम्मत और स्थायी सफाई का निर्देश जारी किया था।
और अब 26 जून को पानी की टंकी से सप्लाई शुरू होने जा रही है — यह केवल एक पाइप से पानी का बहना नहीं है, यह गांव के घुटते गले में उम्मीद की सांस जैसा है।
PoliticalAdda.com Impact
➡ हमारी रिपोर्टिंग से सरकार हरकत में आई
➡ मंत्री ने खुद किया दौरा तय
➡ नाले की सफाई, टंकी चालू, कार्रवाई की चेतावनी
➡ गांव के लोगों को मिला जवाब और भरोसा
यह सिर्फ एक गांव की कहानी नहीं — यह मिसाल है कि जब पत्रकारिता ज़मीन से जुड़ती है, तो सत्ता को सुनना पड़ता है।
बूढ़पुर आज बोलेगा — “हम भी नागरिक हैं, हम भी गिनती में हैं।”
रिपोर्टिंग: डॉ. रविंद्र राणा, राजेश शर्मा
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