आम आदमी का इलाज नहीं…धन्नासेठों के जेब में हेल्थ सिस्टम !

ये कोई कहानी नहीं है। ये आपके मोहल्ले की, आपके गांव की, आपके घर की बात है। अस्पताल के बाहर भीड़ है, लेकिन भीतर न डॉक्टर है, न दवा, न मशीन। मां का ऑपरेशन टल गया क्योंकि जनरेटर में डीज़ल नहीं था। बेटे का एक्सरे ज़मीन पर लेटाकर हुआ, क्योंकि टेबल नहीं थी। और कोई […]

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सत्ता, संबंध और सीबीआई: एक महिला नेता, तीन बेटियां, एक साम्राज्य और अंतहीन द्वंद की दास्तान

Dr. Ravindra Rana/ Rajesh Sharma जब सेठ दयानंद गुप्ता मेरठ की सड़कों पर अपनी चमचमाती गाड़ी से निकलते थे, तो लोग नजरें झुका लेते थे। लेकिन बहुत कम लोग जानते थे कि यही दयानंद एक समय में फटे पायजामे और बिना चप्पल के स्कूल जाया करते थे। उनका एक वाक्य अक्सर दोहराया जाता था: “मैं […]

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आम— भारत की गौरवशाली विरासत

लेखक : मेहर-ए-आलम ख़ान मुख्य संपादक ‘नर्सरी टुडे’ वरिष्ठ पत्रकार, कम्युनिकेशन एक्सपर्ट , स्वास्थ्य, पर्यावरण और उर्दू साहित्य पर लेखन व प्रसारण में चार दशकों का अनुभव। ‘सिनेइंक पॉडकास्ट्स’ से भी जुड़े हैं । भारत में जुलाई का महीना आम के मौसम की पराकाष्ठा का प्रतीक है।यही वह समय है जब देश में आम का सर्वाधिक जश्न मनाया जाता है।दिल्ली, उत्तर प्रदेश और कई अन्य राज्यों में आम महोत्सव आयोजित किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य आम की विविधता और  महिमा को प्रदर्शित करना, आम-संस्कृति, आम-व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देना, आम-निर्यात को प्रोत्साहित करना और सबसे बढ़कर भारत कीएक अत्यंत प्रिय धरोहर का उत्सव मनाना होता है। फलों का राजा कहलाने वाला आम भारत की अद्भुत सांस्कृतिक संपन्नता और आनंददायक विविधता का जीवंत प्रतीक है। यह स्वादिष्ट फलभारत के गौरवशाली इतिहास का अभिन्न हिस्सा है। यह सदियों से भारतीय जनमानस के हृदय और स्वाद पर राज करता आ रहा है। कुछ जीवाश्म प्रमाणों के आधार पर पुराजीव वैज्ञानिक मानते हैं कि भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में आम लगभग 25 से 30 मिलियन वर्ष  (कुछ मतों केअनुसार 60 मिलियन वर्ष) पहले से मौजूद है।) भारत में आम की व्यवस्थित खेती का इतिहास चार हजार वर्षों से भी अधिक पुराना है, जबकि पश्चिमी जगत में आम केवल चार सौ वर्ष पूर्व ही  पहुंच पाया।आज भारत न केवल आम का जन्मस्थल है, बल्कि आम उत्पादन में विश्व में अग्रणी भी है। यही कारण है कि भारत को “आमों की धरती” भी कहा जाता है। आम तीन देशों – भारत, पाकिस्तान और फिलीपींस – का राष्ट्रीय फल है। बांग्लादेश में आम का पेड़ राष्ट्रीय वृक्ष का दर्जा प्रखता है। भारत के अलावा चीन, थाईलैंड, मैक्सिको, पाकिस्तान, फिलीपींस, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, ब्राज़ील, नाइजीरिया, मिस्र, ऑस्ट्रेलिया, स्पेन  आदि देशों में भी आम पैदा होता है। भारतीय धार्मिक परंपराओं में भी आम का विशेष स्थान है। वेदों, उपनिषदों और पुराणों जैसे प्राचीन ग्रंथों में आम का उल्लेख मिलता है।वैदिक साहित्य में आम को ‘सहकरा’ या ‘सहकारा’ कहा गया है।पुराणों और उपनिषदों में आम के पेड़ों की कटाई को सख्त मना कियागया है। रामायण और महाभारत जैसे ग्रंथों में आम को कल्पवृक्ष कहागया है – ऐसा वृक्ष जो सभी मनोकामनाएं पूरी कर सकता है। हिंदूपरंपराओं में आम के पेड़ को पवित्र माना जाता है। आम के पत्तों कीतोरण द्वारों पर लगाई जाती है और धार्मिक अनुष्ठानों में इसका उपयोगशुद्धता और दिव्यता के प्रतीक के रूप में किया जाता है। विवाह, दीपावली और पूजा-पाठ के अवसरों पर आम के पत्तों की तोरणसजावट का आम दृश्य है। यहाँ तक कि हवन में भी आम की लकड़ी का उपयोग होता है। बौद्ध साहित्य में भी आम के पेड़ और फल की पवित्रता का उल्लेख है।बौद्ध मान्यता में आम को ज्ञान और उदारता का स्रोत माना गया है। एकप्रसिद्ध कथा के अनुसार आम्रपाली नामक राजनर्तकी और भगवान बुद्धकी भक्त ने उन्हें एक आम का बाग़ उपहार स्वरूप दिया था जहाँ वे […]

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बागपत सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने सीएम योगी से की मुलाकात, गन्ना किसानों के बकाया भुगतान का मुद्दा उठाया

गन्ना मूल्य भुगतान में लापरवाही बरतने वाले चीनी मिलों पर होगी सख़्त कार्रवाई; दोघट में डिग्री कॉलेज और राइट सलावा कांवड़ मार्ग का मामला भी उठाया लखनऊ/बागपत, 2 जुलाईबागपत के सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने आज लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर गन्ना किसानों से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से […]

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CBI छापा : मेरठ की सबसे रसूखदार महिला नेता की इनसाइड स्टोरी

Dr. Ravindra Rana/ Rajesh Sharma 2 जुलाई 2025 को जब सीबीआई की टीम ने मेरठ के NCR मेडिकल कॉलेज और उसके प्रबंधन से जुड़े परिसरों पर छापा मारा, तो यह सिर्फ एक संस्थान की फाइलों की तलाशी नहीं थी — यह एक सोच, एक परंपरा, और एक पूरी विरासत के सच की पड़ताल भी थी। […]

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बागपत की राजनीति में हलचल: योगेश धामा की अखिलेश यादव को बधाई से उठे बड़े सियासी सवाल

उत्तर प्रदेश के बागपत ज़िले की राजनीति में एक फेसबुक पोस्ट ने भारी सियासी हलचल पैदा कर दी है। भाजपा विधायक योगेश धामा ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को जन्मदिन की बधाई दी है—वो भी भगवान श्रीकृष्ण से दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए। साधारण दिखने वाली इस पोस्ट […]

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अटेरना : यूपी का वो गांव जो सरकार से आगे निकल गया: सीसीटीवी भी हैं, सपने भी!

1985 में बिजली नहीं थी 2025 में हर गली में सीसीटीवी मुफ़्त वाईफाई, हर हाथ में मोबाइल, डिजिटल बोर्ड पर दूसरे गांवों में भी फैला रहे शिक्षा का उजियारा Dr. Ravindra Rana/ Rajesh Sharma अटेरना (सरधना), मेरठ से विशेष रिपोर्ट करीब 62 साल के बुजुर्ग किसान ठाकुर यशपाल सिंह जब अपने बचपन की यादें साझा […]

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उत्तर प्रदेश में बिजली कर्मचारियों का फूटा गुस्सा, पॉवर कारपोरेशन चेयरमैन की संपत्तियों की जांच की मांग

Rajesh Sharma/ Dr. Ravindra Rana लखनऊ/27 जून 2025:उत्तर प्रदेश की बिजली व्यवस्था में इस समय असंतोष और संघर्ष की चिंगारी सुलग रही है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर आज पूरे प्रदेश में पॉवर कारपोरेशन में जारी “आपातकालीन स्थिति” और दमनात्मक कार्रवाई के विरोध में चेतावनी दिवस मनाया गया। लखनऊ समेत […]

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जादू का पंजा है, इसकी कीमत सिर्फ जिंदगी है!

प्रख्‍यात चिंतक और सामाजिक कार्यकर्ता केएन गोविंदाचार्य आज (22 April 2015)  मेरठ में थे। मौका था किसान सम्‍मेलन का। गोविंदाचार्य जी किसानों के मौजूदा संकट पर बडे सवाल उठाए। उनकी बातों को ज्‍यों का त्‍यों लिख पाना तो मेरे लिए संभव नहीं पर जो कुछ उन्‍होंने कहा उसे सबसे साझा करना मुझे आज के दौर […]

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बूढ़पुर के नाले का ज़हर खत्म, 30 साल बाद आज मिलेगा साफ पानी

जलशक्ति राज्य मंत्री दिनेश खटीक करेंगे पानी की टंकी का उद्घाटनरमाला मिल को चेतावनी, गांव में पंचायत भी तय Dr. Ravindra Rana/ Rajesh Sharma | बूढ़पुर (बागपत), 26 जून | PoliticalAdda.com रिपोर्ट बागपत ज़िले के बूढ़पुर गांव में 26 जून की दोपहर एक ऐसा पल आने वाला है, जिसे गांववाले सालों तक याद रखेंगे। यह […]

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